राजस्थान में चुनाव खत्म हुए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया हैं। राजस्थान की जनता अभी इसी इंतजार में हैं कि कब गहलोत अपने मंत्रियों को शपथ दिलायेंगे। गहलोत और सचिन पायलट अभी इस पर अपनी रायसुमारी कर रहें है। फिलहाल आने वाले समय मे लोकसभा चुनाव को देखते हुए मंत्रालय बांटने में समय लग रहा हैं। इस बार मंत्री जातिगत आधार, सम्भाग और जिले के आधार पर बनाये जायेंगे, क्योंकि इसका असर आने वाले लोकसभा चुनाव पर जरूर पड़ेगा। ऐसे में राजस्थान में जाट समाज को भी मंत्रियों के पद देने होंगें, ताकि लोकसभा चुनावों में जाट समाज कांग्रेस को समर्थन दे।
इन जाट नेताओं का नाम सबसे आगे, ओला और विश्वेन्द्र सिंह का नाम सबसे आगे
जाट नेताओं में 8 विधायक ऐसे हैं, जिनका नाम सबसे आगे हैं। झुंझुनूं विधायक बिजेंद्र ओला और भरतपुर से विधायक विश्वेन्द्र सिंह का मंत्री पद पक्का माना जा रहा हैं, क्योंकि यह दोनों जाट नेताओं सबसे चर्चित चहरे हैं और शेखावटी-भरतपुर धौलपुर क्षेत्र में इनका अच्छा प्रभाव हैं। सीकर से गोविंद सिंह डोटासरा, नावां से महेंद्र चौधरी या फिर लालचंद कटारिया इन तीन नेताओ में से एक नेता को मंत्री पद देना होगा, क्योंकि कांग्रेस राजस्थान के मध्य इलाके के जाटों को एक मंत्री पद देना होगा।
उधर मारवाड़ में हरीश चौधरी और हेमाराम चौधरी का नाम भी इस दौड़ में आगे हैं, क्योंकि मारवाड़ में जाट समाज बाहूल्य संख्या में हैं और कांग्रेस मारवाड़ के जाटों पर अपना प्रभाव जमाना चाहेगी। इसके अलावा भीलवाड़ा की मांडल सीट से विधायक रामलाल जाट का नाम भी इस दौड़ में शामिल हैं।


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