पहली बार चांदी हुई 3 लाख पार, क्या अभी भी खरीदे चांदी? जाने एक्सपर्ट्स की राय

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चांदी ने निवेशकों को चौंकाते हुए इतिहास रच दिया है। इस सप्ताह ही में चांदी की कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुकी है। जिस धातु को लंबे समय तक “धीमी चाल” वाला विकल्प माना जाता था, वही अब तेजी का नया चेहरा बन गई है। इस रिकॉर्ड रैली ने निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या अब भी चांदी में निवेश करना समझदारी है, या यह ऊंचे भाव पर फंसने का खतरा बन सकता है?



इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे कि चांदी की कीमतें इतनी तेजी से क्यों बढ़ीं, आगे क्या संकेत हैं, निवेशक क्या करें, और निवेश करने का सबसे सुरक्षित तरीका क्या हो सकता है।

चांदी के दाम 3 लाख पार क्यों पहुंचे? 

चांदी में आई मौजूदा तेजी सिर्फ ज्वेलरी डिमांड की वजह से नहीं है। इसके पीछे कई बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं:

1) इंडस्ट्रियल डिमांड में जबरदस्त उछाल

आज चांदी केवल गहनों तक सीमित नहीं रही। इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है:

सोलर पैनल

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स

मेडिकल डिवाइसेज़

ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी

इन सेक्टर्स में चांदी की जरूरत बढ़ रही है, और यही चांदी की कीमतों को लंबे समय तक सपोर्ट देने वाला बड़ा कारण माना जा रहा है।

2) वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की तलाश

जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है—जैसे भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता या मुद्रा में उतार-चढ़ाव—तो निवेशक आमतौर पर सेफ हेवन एसेट्स की ओर जाते हैं। पहले सिर्फ सोना प्रमुख था, लेकिन अब चांदी भी सेफ हेवन निवेश के रूप में उभर रही है।

3) सप्लाई का दबाव (Supply Side Tightness)

चांदी की नई माइनिंग तेजी से बढ़ाना आसान नहीं होता। सप्लाई धीरे बढ़ रही है लेकिन मांग तेज है। जब मांग > सप्लाई होती है, तो कीमतें स्वाभाविक रूप से ऊपर जाती हैं।

4) सोना महंगा हुआ तो निवेशक चांदी की ओर मुड़े

सोने के दाम ऊंचे रहने के कारण बहुत से निवेशक “सस्ता विकल्प” खोजते हैं। चांदी, सोने की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध होती है, इसलिए इसे वैकल्पिक निवेश के तौर पर चुना जाने लगा।

क्या 3 लाख के बाद भी चांदी में निवेश का मौका है?

यह सवाल आज हर निवेशक के दिमाग में है। क्योंकि रिकॉर्ड हाई के बाद आम तौर पर दो चीजें होती हैं:

कुछ निवेशक मुनाफा बुक करते हैं

कीमतों में करेक्शन आ सकता है

इसी वजह से एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब निवेश संभव है, लेकिन रणनीति सही होनी चाहिए।

एक्सपर्ट्स की सामान्य सलाह क्या है?

एकमुश्त बड़ा निवेश करने के बजाय SIP/स्टैगरड इन्वेस्टमेंट करें

शॉर्ट टर्म में तेजी देखकर “हड़बड़ी” न करें

लॉन्ग टर्म (3–5 साल) सोचकर चलें

पोर्टफोलियो में सीमित हिस्सा ही चांदी को दें

चांदी में निवेश करने के फायदे (Benefits of Investing in Silver)

चांदी में निवेश के कई मजबूत कारण हैं:

1) पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन

अगर आपका पैसा केवल स्टॉक या केवल गोल्ड में लगा है, तो चांदी आपके पोर्टफोलियो को बैलेंस दे सकती है। यह एक अलग एसेट क्लास की तरह काम करती है।

2) लॉन्ग टर्म में मजबूत डिमांड

ग्रीन एनर्जी, EV और टेक इंडस्ट्री जैसी नई अर्थव्यवस्था में चांदी की जरूरत लगातार बढ़ सकती है। इसलिए इसके लॉन्ग टर्म आउटलुक को कई विशेषज्ञ पॉजिटिव मानते हैं।

3) महंगाई से बचाव (Inflation Hedge)

कीमती धातुएं अक्सर महंगाई के समय अपना मूल्य बचाए रखती हैं। ऐसे समय में चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षा कवच बन सकती है।

चांदी में निवेश के जोखिम (Risks You Must Know)

हर तेजी के साथ जोखिम भी आते हैं। चांदी में यह जोखिम विशेष रूप से ज्यादा हैं:

1) हाई वोलैटिलिटी

चांदी के दाम सोने की तुलना में ज्यादा तेज़ी से ऊपर-नीचे हो सकते हैं। यही कारण है कि इसमें जल्दबाजी नुकसान करा सकती है।

2) रिकॉर्ड हाई पर करेक्शन का खतरा

जब कोई एसेट ऑल टाइम हाई बनाता है, तो “प्रॉफिट बुकिंग” सामान्य है। इससे कुछ समय के लिए गिरावट हो सकती है।

3) फिजिकल चांदी में स्टोरेज/मेकिंग चार्ज

अगर आप फिजिकल सिल्वर लेते हैं तो:

स्टोरेज की चिंता

चोरी/सुरक्षा का मुद्दा

मेकिंग चार्ज

बाय-बैक पर अंतर

ये चीजें रिटर्न घटा सकती हैं।

अभी निवेश करना है तो सही रणनीति क्या हो?

अगर आप अभी चांदी में निवेश करना चाहते हैं, तो नीचे दी गई रणनीति आपको ज्यादा सुरक्षित बना सकती है:

✅ 1) SIP/स्टैगरड तरीके से निवेश करें

एक बार में पैसा लगाने के बजाय 3–6 हिस्सों में निवेश करें। इससे अगर कीमत नीचे आए तो “एवरेजिंग” हो जाती है।

✅ 2) लॉन्ग टर्म सोचें

चांदी में कम से कम 3–5 साल का नजरिया रखें। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में रिस्क ज्यादा है।

✅ 3) प्रॉफिट बुकिंग भी जरूरी है

अगर आपके पास पहले से चांदी है और अच्छा मुनाफा बन गया है, तो एक्सपर्ट्स अक्सर सलाह देते हैं:

बहुत तेज उछाल पर आंशिक प्रॉफिट बुकिंग

बाकी होल्डिंग लॉन्ग टर्म के लिए रखें

✅ 4) पोर्टफोलियो में कितना हिस्सा रखें?

सामान्य निवेशक के लिए चांदी का हिस्सा:

5% से 15% के बीच रखना बेहतर माना जाता है

बहुत अधिक हिस्सा रखना जोखिम बढ़ा सकता है।

चांदी में निवेश के तरीके: कौन सा बेस्ट है?

आपके लक्ष्य और रिस्क प्रोफाइल के अनुसार तरीका चुनें:

1) फिजिकल चांदी (Coins/Bars)

उन लोगों के लिए जो चांदी घर में रखना चाहते हैं

लेकिन स्टोरेज और चार्ज का ध्यान रखें

2) सिल्वर ETF / डिजिटल विकल्प

स्टोरेज की झंझट नहीं

पारदर्शी कीमत

आसान खरीद-बिक्री

यह तरीका नए निवेशकों के लिए ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है।

3) फ्यूचर्स/कमोडिटी ट्रेडिंग

हाई रिस्क

अनुभवी निवेशकों के लिए

अगर जानकारी नहीं है तो इससे बचना ही बेहतर है।

आगे चांदी का क्या आउटलुक है?

चांदी के दामों का आउटलुक दो हिस्सों में देखना चाहिए:

शॉर्ट टर्म आउटलुक

कुछ करेक्शन/कंसोलिडेशन संभव

तेजी के बाद ठहराव आम बात है

लॉन्ग टर्म आउटलुक

इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत है

ग्रीन एनर्जी ट्रेंड बढ़ रहा है

इसलिए कई मार्केट एक्सपर्ट्स इसे लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव मानते हैं

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