आज चौधरी चरण सिंह की 115 वी जयंती हैं। चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन को किसान दिवस ले रूप में मनाया जाता हैं। उनका जन्म 23 दिसम्बर 1902 में गाजियाबाद के एक जाट परिवार में हुआ था। चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवे प्रधानमंत्री बने थे। इससे पहले चरण सिंह दो बार उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके थे।
आखिर क्यों देना पड़ा था प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा
1977 के चुनावों में जब जनता पार्टी गठबंधन करके सत्ता में आई, उस समय मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने, जबकि चरण सिंह को देश का गृहमंत्री बनाया गया। 1979 में जनता पार्टी टूट गई। 1979 में फिर कांग्रेस और सीपीआई ने चरण सिंह को समर्थन देकर भारत का प्रधानमंत्री बना दिया। चरण सिंह भारत के पांचवे प्रधानमंत्री बने थे। चौधरी चरण सिंह का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 तक रहा।
28 जुलाई को भारत के प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने चरण सिंह को 20 अगस्त तक ने निर्देश दिया कि वो 20 अगस्त तक लोकसभा में बहुमत साबित करे। इस बीच इंदिरा गांधी ने 19 अगस्त को लोकसभा में चरण सिंह को समर्थन देने से इनकार कर दिया। अब चरण सिंह को एक दिन बाद बहुमत साबित करना था ,लेकिन उन्होंने लोकसभा का सामना किया ही नहीं और अपने पद से पीछे हट गए, इसलिए 22 अगस्त 1979 को राष्ट्रपति ने लोकसभा को भंग कर दिया और दुबारा चुनाव की घोषणा कर दी। फिर जनवरी 1980 में दुबारा चुनाव हुए और फिर इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बन गई।
28 जुलाई को भारत के प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने चरण सिंह को 20 अगस्त तक ने निर्देश दिया कि वो 20 अगस्त तक लोकसभा में बहुमत साबित करे। इस बीच इंदिरा गांधी ने 19 अगस्त को लोकसभा में चरण सिंह को समर्थन देने से इनकार कर दिया। अब चरण सिंह को एक दिन बाद बहुमत साबित करना था ,लेकिन उन्होंने लोकसभा का सामना किया ही नहीं और अपने पद से पीछे हट गए, इसलिए 22 अगस्त 1979 को राष्ट्रपति ने लोकसभा को भंग कर दिया और दुबारा चुनाव की घोषणा कर दी। फिर जनवरी 1980 में दुबारा चुनाव हुए और फिर इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बन गई।



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