मेरठ, उत्तरप्रदेश। उत्तरप्रदेश के किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की हैं कि हमें राम मंदिर नहीं चाहिए, हमें तो गन्ने की ज्यादा कीमत चाहिए। दरअसल उत्तरप्रदेश के मेरठ इलाके में किसान गन्ने की खेती सबसे ज्यादा करते हैं और उसी पर ही निर्भर रहते हैं। गन्ने की कीमतें बहुत कम होने के कारण किसानों को उनकी लागत भी नहीं मिल पाती।
किसानों को नहीं मिल रही लागत राशि
दरअसल गन्ने की कीमत लगभग 350 रुपए प्रति क्विंटल हैं। किसानों को गन्ने की फ़सल को उगाने से लेकर काटने तक गन्ने पर प्रति क्विंटल लागत 250 रुपए से 300 रुपए तक आ जाती हैं। लेकिन गन्ने को सरकार खरीद नहीं रही हैं, ऐसे में किसान मजबूरी में 200-250 रुपए प्रति क्विंटल में बेच रहा हैं।हमें राम मंदिर नहीं, गन्ने का भाव चाहिए
उत्तरप्रदेश सरकार राम मंदिर को लेकर काफ़ी चर्चा में रहती हैं और आये दिन सरकार राम मंदिर पर कोई न कोई बयान देती हैं और वादा करती हैं कि हम राम मंदिर बनाएंगे। लेकिन उत्तरप्रदेश के किसानों को कहना हैं कि हमें राम मंदिर नहीं चाहिए, हमें सिर्फ गन्ने का भाव मिल जाये यही हमारे लिए काफी हैं।
सरकार ने वादे किए, लेकिन निभाए नहीं
योगी सरकार ने चुनावों के वक्त गन्ना किसानों के लिए बड़े-बड़े वादे भी किये थे। यहाँ तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गन्ना किसानों को समर्थन मूल्य देने की बात की थी। लेकिन सरकार अपने वादे अभी तक नहीं निभा सकी हैं।



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