जयपुर, राजस्थान। राजस्थान में यूरिया किल्लत दिनभर बढ़ती ही जा रही हैं। अब तो किसानों को राजस्थान में कही भी यूरिया नहीं मिल रही हैं। परेशान किसानों पर कुछ जगहों पर लाठियां भी बरसाई गई हैं। इसके साथ ही राजस्थान की गहलोत सरकार ने कर्जमाफी के नाम पर ही किसानों के साथ धोखा किया हैं। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर राजस्थान में रविवार 30 दिसम्बर से बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा हैं।
गहलोत सरकार किसान विरोधी हैं- रामपाल जाट
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल जाट ने राजस्थान की गहलोत सरकार को किसान विरोधी बताया। रामपाल जाट ने बताया कि पूरे राजस्थान में यूरिया की किल्लत हो गई हैं। किसानों ने रबी की फसल बो रखी हैं, ऐसे में उन्हें यूरिया खाद की सख्त जरूरत हैं। सरकार किसानों को यूरिया तक मुहैया नहीं करवा सकती हैं।
मूंग और उड़द का नहीं मिला रहा हैं समर्थन मूल्य
राजस्थान की पिछली वसुंधरा सरकार ने राजस्थान में मूंग और उड़द का समर्थन मूल्य रखा था। सरकार ने कहा कि हम किसानों से मूंग खरीदेंगे और उन्हें समर्थन मूल्य देंगे। लेकिन सभी मंडियों में मूंग की खरीदारी बन्द हैं। सरकार ने मूंग का समर्थन मूल्य 7000 रुपए प्रति क्विंटल के करीब रखा था।
खरीद नहीं होने के कारण परेशान किसान मूंग 3000 से 3500 रुपए में बेचने को मजबूर हैं। इसके साथ ही सरकार ने उड़द का ही समर्थन मूल्य रखा था, लेकिन सरकार उसे भी नहीं खरीद रही हैं। सरकार ने इस खरीद के लिए तीन महीने का समय रखा था, जो अब 7 जनवरी को पूरा होने वाला हैं। ऐसे में सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही हैं।
कर्जमाफी के नाम पर किसानों के साथ सरकार ने किया धोखा- रामपाल जाट
किसान नेता रामपाल जाट ने कहा कि सरकार ने चुनावों से पहले कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन अब सरकार सिर्फ डिफॉल्टर किसानों का ही कर्ज माफ कर रही हैं। ऐसे में जिन किसानों ने समय पर कर्ज चुकायाथा, उनके साथ सरकार धोखा कर रही हैं।
इन्हीं सब मांगो को लेकर किसान महापंचायत और आम आदमी पार्टी के बैनर तले राजस्थान में 30 दिसम्बर से किसानों का सबसे बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा हैं, जिसमें प्रदेश के सभी जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। यह आंदोलन तब यक चलेगा, जब तक किसानों की सारी मांगे पूरी नहीं हो जाये।



Tnxx for comment