नागौर जिले की इन 4 सीटों पर बेनिवाल कर सकतें हैं कब्जा, यहाँ जीत सकतें हैं RLP के उम्मीदवार

INC News
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नागौर जिला राजस्थान की राजनीति का गढ़ माना जाता हैं। नागौर जिले में 10 विधानसभा सीट हैं। राजस्थान में तीसरा मोर्चा खड़ा करने वाले हनुमान बेनीवाल इसी नागौर जिले की खींवसर विधानसभा से चुनाव लड़ते है। बेनीवाल ने अपनी पार्टी रालोपा से पांच उम्मीदवार नागौर जिले में उतारे हैं। इन 5 प्रत्याशियों में से 4 प्रत्याशी जीत के पास है। बेनीवाल ने नागौर, खींवसर, लाडनूं, जायल और मेड़ता में अपने प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि खींवसर से ख़ुद बेनीवाल ने ताल ठोकी हैं।
इन सभी सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के लिए बेनीवाल के उम्मीदवार मुसीबत बन गए हैं।


जायल विधानसभा

जायल सीट आरक्षित सीट हैं और यहाँ पर जाट वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहाँ पर रालोपा ने अनिल बारूपाल को प्रत्याशी बनाया हैं, जबकि बीजेपी ने पूर्व विधायक मंजू बाघमार को और कांग्रेस ने मंजू मेघवाल को उम्मीदवार बनाया हैं। यहाँ पर बेनीवाल के कारण 70000 जाट वोटर अनिल बारूपाल के साथ खड़े हैं। ऐसे में बारूपाल का पक्ष सबसे मजबूत है। चुनावों से पहले ही यह सीट रालोपा की मानी जा रही हैं।

खींवसर विधानसभा

इस सीट पर लगातार 10 सालों से हनुमान बेनीवाल खुद डटे हुए हैं। यहाँ तक पिछली बार मोदी लहर में भी बेनीवाल ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। भाजपा ने यहाँ पर पीएम मोदी की रैली भी करवाई थी, ताकि बेनीवाल को हराया जा सके, लेकिन बेनीवाल 25000 वोटों से जीते थे। इस बार भी बेनीवाल रालोपा से खड़े हैं, जबकि बीजेपी ने रामचन्द्र उत्ता को मैदान में उतारा हैं, वहीं कांग्रेस ने सवाई सिंह चौधरी को प्रत्याशी बनाया हैं। इस सीट पर तो बेनीवाल को कोई टक्कर देने वाला नहीं हैं। बीजेपी और कांग्रेस ख़ूब कोशिश कर रही हैं, लेकिन यहाँ बेनीवाल दोनों ही पार्टियों पर काल बन कर सामने आ रहे हैं।

मेड़ता विधानसभा

मेड़ता सीट भी आरक्षित सीट हैं और जाट बाहुल्य भी हैं। यहाँ पर जाट वोटरों की संख्या 65000 हैं। यहां रालोपा ने इंदिरा देवी बावरी को प्रत्याशी बनाया हैं, तो कांग्रेस ने सोनू चितारा और बीजेपी ने भंवरलाल रिठारिया को उम्मीदवार बनाया हैं। यहाँ पर जाट वोटर बेनीवाल की रालोपा के साथ हैं और बावरी समाज के लोग भी रालोपा को समर्थन दे रहें हैं। ऐसे में इंदिरा देवी का पक्ष मजबूत लग रहा हैं।

लाडनूँ विधानसभा

इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला बन चुका हैं। यहाँ रालोपा ने कांग्रेस के दावेदार जग्गनाथ बुरड़क को टिकट दिया हैं। जग्गनाथ बुरड़क कृषि मंत्री हरजीराम बुरड़क के बेटे भी हैं, साथ ही लाडनूँ के प्रधान भी हैं। ऐसे में यह मजबूत दावेदार हैं। वहीं कांग्रेस ने युवा नेता मुकेश भाकर पर दांव खेला हैं, जबकि बीजेपी ने पूर्व विधायक मनोहर सिंह पर राजपूत कार्ड खेला हैं। अब यहाँ तीनों के बीच कड़ी टक्कर हैं। देखते हैं यहाँ कौन बाजी मारता हैं।

नागौर विधानसभा

यह मुस्लिम बाहुल्य सीट हैं। यहाँ पर रालोपा ने शमशेर खोखर को टिकट दिया हैं, जो कांग्रेस के नेता थे। वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान खान को टिकट दिया हैं, तो बीजेपी ने मोहनराम चौधरी को प्रत्याशी बनाया हैं। इस सीट पर सभी ने दल बदल किया हैं। ऐसे में यह कयास लगाना आसान नहीं हैं कि यहाँ से विजेता कौन होगा। वैसे बेनीवाल की रालोपा यहाँ भी कमजोर नहीं हैं।

तो दोस्तों नागौर जिले की इन पांच सीटों का यह हाल था, अब देखना होगा कि कौन कहा से बाजी मारता हैं। हमने इन सीटों के समीकरणों पर एक video बनाया हैं। आप यह video एक बार जरूर देखें।

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