1998 में परसराम मदरेणा और 2003 में शीशराम ओला को मुख्यमंत्री नहीं बनाने पर विधायक हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस को घेरा, देखें पूरी ख़बर

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आज कांग्रेस ने अनुभव का सहारा लेकर राजस्थान में अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री घोषित कर दिया हैं। गहलोत को मुख्यमंत्री बनाये जाने पर खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस पर सवाल उठाए है। दरअसल हनुमान बेनीवाल ने 1998 के चुनाव और 2008 चुनाव पर सवाल खड़े कर दिए।बेनीवाल ने ट्वीट करके लिखा कि मूख्यमंत्री पद तय करना कोंग्रेस पार्टी का आंतरिक मसला है मगर कोंग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को यह कभी नही भूलना चाहिए की विधानसभा चुनावों का जनादेश वसुंधरा और अशोक गहलोत के खिलाफ था, अनुभव के आधार की बात करे तो 1998 में परसराम जी मदेरणा और 2008 में शीशराम जी ओला से कोई बड़ा चेहरा नही था मगर उनको दरकिनार किया गया ! जो कोंग्रेस पार्टी वेंटिलेटर पर है उनके शीर्ष नेतृत्व द्वारा राजस्थान में मूख्यमंत्री पद का निर्णय यह तय करेगा कि वेंटिलेटर लगा रहेगा या हट जाएगा।

क्या था मामला? आइए जानते हैं।

राजस्थान में चुनाव का परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस बात को लेकर 2 दिन से चर्चा चल रही थी, कांग्रेस के सामने राजस्थान में मुख्यमंत्री के लिए 2 चेहरे थे। एक युवा नेतृत्व सचिन पायलट और एक अनुभवी नेतृत्व अशोक गहलोत। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए यह मुश्किल हो गया कि वो किसे राजस्थान का मुख्यमंत्री चुने? फिर राहुल गांधी ने अनुभव को महत्व देते हुए अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया और सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री बनाया। इसी बात को लेकर हनुमान बेनीवाल ने 1998 और 2008 के चुनावों को याद करते हुए कांग्रेस को घेरा।

आखिर क्या हुआ था 1998 और 2008 में? जाने

1998 के चुनावों में कांग्रेस ने तत्कालीन कांग्रेस के सबसे बड़े नेता परसराम मदरेणा को राजस्थान का मुख्यमंत्री घोषित करके चुनाव लड़ा, लेकिन चुनाव जितने के बाद कांग्रेस ने परसराम मदरेणा को मुख्यमंत्री नहीं बनाकर अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया और 2008 के चुनावों में शीशराम ओला मुख्यमंत्री के प्रबल दावेदार थे और अनुभवी नेता भी थे, लेकिन उस समय भी अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बना दिया गया। एक तरह से देखा जाए तो 1998 में और 2008 के चुनावों में कांग्रेस ने अनुभवी नेता को बॉयकॉट करके गहलोत को मुख्यमंत्री बना दिया तो इस चुनाव में गहलोत को क्यो बनाया, जबकि पायलट युवा नेता हैं, अच्छी कमान और पकड़ के नेता हैं। इस बात को लेकर हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस की घेराबंदी की हैं।

बेनीवाल ने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर समर्थन दिया था।

बेनीवाल ने एक दिन पहले कहा था कि कांग्रेस को सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, क्योंकि वे किसान के बेटे हैं और किसानों की समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ़ हैं। गहलोत को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर हनुमान बेनीवाल ने विरोध किया था।

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