जोधपुर, राजस्थान।
जोधपुर में रातानाडा पुलिस द्वारा किए गए लवली कंडारा एनकाउंटर को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई हैं। एनकाउंटर होने के बाद 4 दिनों तक लवली कंडारा के परिजनों ने शव को नहीं उठाया और धरना प्रदर्शन किया, परिजनों की मांग थी कि एनकाउंटर करने वाले थानाधिकारी लीलाराम बामणिय को सस्पेंड किया जाए और एनकाउंटर की जांच CBI से की जाए। इस एनकाउंटर को लेकर बीजेपी और रालोपा ने परिजनों का सहयोग किया और इस एनकाउंटर की जांच CBI से करवाने की मांग की।
रविवार को नागौर सांसद और RLP मुखिया हनुमान बेनीवाल भी धरना प्रदर्शन पर मौजूद थे, उन्होंने भी CBI जांच और थानाधिकारी को सस्पेंड करने की मांग की थी। रविवार देर शाम जिला कलेक्टर के साथ हुई वार्ता के बाद थानाधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया और बाकी मांगो पर सहमति होने के बाद परिजनों ने शव उठा लिया। जैसे ही थानाधिकारी का सस्पेंशन हुआ तो राजस्थान में एक धड़ा थानाधिकारी के समर्थन में आ गया और उनको वापस बहाल करने की मांग सोशल मीडिया पर उठ गई।
मामले को लेकर RLP भी दो धड़ों में बंटी
एक तरफ RLP और हनुमान बेनीवाल ने ने थानाधिकारी को सस्पेंड करने की मांग की थी, वहीं इस मामले को लेकर रालोपा नेता और रालोपा प्रदेश उपाध्यक्ष उदाराम मेघवाल ने थानाधिकारी के सस्पेंशन को गलत बताया और कहा कि इस तरह पुलिस का मनोबल गिर जाएगा, क्योंकि लवली कंडारा एक हिस्ट्रीशीटर था, जिस पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे, ऐसे में पुलिस ने अपनी सुरक्षा के लिए गोली चलाई थी। उदाराम मेघवाल ने थानाधिकारी को वापस बहाल करने की मांग की, उनके साथ मेघवाल समाज भी थानाधिकारी को बहाल करने की मांग कर रहा हैं।

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