जयपुर, राजस्थान।
प्रदेश के 21 जिलों में कल से पंचायत चुनाव शुरू हो रहे है। पंचायत चुनाव 4 चरणों मे हो रहे है। इस बार पंचायत चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के अलावा तीसरी पार्टियां भी उतरी है। थर्ड फ्रंट ने कांग्रेस और बीजेपी को अपने इलाकों में कड़ी टक्कर देने का प्लान बनाया है। तीसरी पार्टियों में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की RLP पार्टी है, आदिवासी समाज की पार्टी BTP है, तो दलित समाज को साधने के लिए बहुजन समाज पार्टी यानी BSP मैदान में है। इन पार्टियों के कारण बहुत जगह पर त्रिकोणीय मुकाबला बना हुआ है।
अगर बात करें हनुमान बेनीवाल की RLP की तो RLP ने विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, विधानसभा उपचुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी, अब RLP पंचायत चुनाव को लेकर मैदान में उतरी है। नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, सीकर, चूरू, बीकानेर, टोंक, जयपुर, अजमेर में RLP के दर्जनों प्रत्याशी मैदान में है। RLP मुखिया हनुमान बेनीवाल खुद प्रचार में उतरे है। जाट बेल्ट में RLP के जितने के काफी आसार है। नागौर और बाड़मेर में RLP की वजह स्व बीजेपी और कांग्रेस को काफी मुश्किल झेलनी पड़ सकती है।
अगर बात करे हम BTP यानी भारतीय ट्राइबल पार्टी की, तो विधानसभा चुनाव 2018 में BTP के 2 विधायक चुनाव जीते थे। BTP का जनाधार आदिवासी क्षेत्रों में काफी है। इनमें डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर जिले शामिल है। इन जिलों में सैंकड़ो प्रत्याशी BTP ने पंचायत चुनाव में उतारे है। हाल ही में हुए आदिवासी आंदोलन ने भी BTP को ताकत दी है।
वही बहुजन समाज पार्टी भी पंचायत चुनाव में अपना दमखम दिखाने को तैयार है। बहुजन समाज पार्टी ने पंचायत चुनाव में पाली जिले को छोड़कर लगभग हर जिले में अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे है। बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा चुनाव में 6 प्रत्याशी जीते थे, हालांकि अब वो कांग्रेस में शामिल है, लेकिन BSP का जनाधार आज भी गांवों में है। BSP गंगानगर, अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, हनुमानगढ़, करौलीजिले पर काफी फोकस कर रही है।

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