जयपुर, राजस्थान।
एक बार फिर राजस्थान की जनजाती मीना और मीणा में विवाद देखने को मिल रहा हैं। दरअसल मीना और मीणा राजस्थान की अनुसूचित जनजाति हैं, यह दोनों जातियां एक ही हैं, लेकिन उच्चारण के कारण और लिखने में अलग-अलग लिख देते हैं, जिसका सबसे बड़ा नुकसान आरक्षण में होता। केंद्र सरकार सिर्फ मीना जाति को ही आरक्षण योग्य मानती हैं, इस कारण मीणा लिखने वाले लोगों में रोष व्याप्त हो गया हैं।
बुधवार को ट्विटर "#मीना_मीणा_एक_ही_हैं " से ट्रेंड चलाया गया था। कई युवाओ ने इसको लेकर ट्वीट किए, जिसके बाद यह ट्वीट राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेंड कर रहा था। लोगों ने बताया कि दोनों एक ही समाज की जातियां, बोलने और लिखने के कारण यह फर्क आ गया हैं। समाज ने Mina और Meena दोनों को भी एक ही माना हैं। जबकि केंद्र सरकार सिर्फ Mina को ही आरक्षण योग्य मान रही हैं।
सीएम अशोक गहलोत ने भी कहा- दोनों एक ही हैं, हम केंद्र को भेजेंगे लेटर
आखिर इस मामले में सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि इसको लेकर हमने 2018 में केंद्र को लेटर भेज दिया हैं कि राजस्थान में दोनों जातियों के प्रमाण पत्र बनते हैं, दोनों एक ही समाज की जातियां हैं। हाइकोर्ट में भी कई बार यह सिद्ध हो चुका हैं। दरअसल पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भी अपने कार्यकाल में यह साफ किया था कि दोनों जातियां एक ही समाज की हैं, लेकिन फिर भी यह विरोधाभास सामने आ रहा हैं।

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