किशनगढ, अजमेर।
रविवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ में हुए भागचंद चोटिया हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली हैं, हालांकि पुलिस के हाथ अभी आरोपी नहीं लगे हैं, लेकिन पुलिस लगातार आस-पास के इलाकों में दबिश दे रही हैं। रविवार को तीन बाइक सवारों ने हरमाड़ा सरपंच के पुत्र भागचंद चोटिया पर किशनगढ में शाम 4 बजे गोलियों से हमला कर दिया था, इस दौरान भागचंद चोटियां को 4 गोली लगी, जिससे उनकी अस्पताल में मौत हो गई।
भागचंद चोटियां किशनगढ के पूर्व विधायक के बेटे भंवर सिनोदिया हत्याकांड में था मुख्य गवाह
दरअसल 2011 में हुए भंवर सिनोदिया हत्याकांड का मुख्य और चश्मदीद गवाह भागचंद चोटियां था, भंवर सिनोदिया के किशनगढ के पूर्व विधायक नाथूराम सिनोदिया का बेटा था। भागचंद चोटियां की गवाही के कारण ही सिनोदिया हत्याकांड के आरोपी जेल में सजा काट रहे हैं। भंवर सिनोदिया हत्याकांड का मुख्य आरोपी बलभाराम जाट हैं। बलभाराम जाट फिलहाल धौलपुर जेल में बंद हैं। भागचंद चोटियां हत्याकांड को भी सिनोदिया हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा हैं।
दरअसल पुलिस ने छानबीन करते हुए एक बाइक सवार को पहचान लिया है। तीनो बाइक सवार घटना को अंजाम देने के बाद छोटे-छोटे रास्तों से शहर से निकल गए, इस दौरान भागते हुए एक बाइक सवार का मुंह पर लगाया हुआ गमछा उतर गया, उस आरोपी की पहचान हनुमान नाम के आरोपी से हुई हैं। हनुमान सिनोदिया हत्याकांड के आरोपी बलभाराम जाट का रिश्तेदार हैं। इस तरह पुलिस अंदाजा लगा रही हैं कि बलभाराम जाट के कहने पर ही हनुमान ने भागचंद चोटिया की हत्या की हैं, हालांकि अभी पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी हुई हैं। इस मामले में पुलिस बलभाराम जाट से भी पूछताछ कर सकती हैं
गौरतलब हैं कि हरमाड़ा सरपंच प्रतिनिधि भागचंद चोटियां रविवार को किशनगढ़ आए थे, जहां वो हमेशा की तरह अपने दोस्तों से मुलाकात कर रहे थे, एकाएक तीन हमलावरों ने भागचंद चोटियां पर लगातार 11 गोलियां चलाई, जिनमें 4 गोली भागचंद चोटिया के सीने और सिर पर लगी, जिसके कारण भागचंद चोटियां की मौत हो गई।

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