केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि बिलों का विरोध आज पूरे देश मे हो रहा हैं। विपक्षी दलों के अलावा किसानों से जुड़े हुए सभी छोटे बड़े संगठन भी इन बिलों का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। वही केंद्र सरकार का कहना हैं कि यह बिल किसानों की आमदनी बढ़ाने में कारगर साबित होंगे। किसानों का कहना हैं कि अगर यह बिल इतने ही सही हैं तो फसलों की खरीद MSP से नीचे होने पर प्रतिबंधित कर देनी चाहिए, जिससे फसलों को कोई उससे नीचे खरीद ही नहीं सकते, जिससे किसान को कम से कम वो दाम तो मिल ही जायेगा, लेकिन सरकार के बिलो में ऐसा कुछ नहीं हैं।
मंत्री पद को ठोकर मारने वाले हनुमान बेनीवाल इस बिल पर चुप
राजस्थान प्रदेश के जाने माने किसान नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल अक्सर किसानों की बात करते नजर आते हैं और उनकी राजनीति भी किसानों के इर्द गिर्द ही घूमती हैं, लेकिन इन बिलो को लेकर हनुमान बेनीवाल अभी तक चुप्पी साध रखी हैं, क्योंकि बिलों को लाने वाली मोदी सरकार के साथ हनुमान बेनीवाल कंधा लगाए हुए हैं। हनुमान बेनीवाल राजस्थान के पश्चिमी भाग में एक बड़े किसान नेता के तौर पर जाने जाते है और इस क्षेत्र में किसान इन बिलों का जोरदार विरोध कर रहे हैं, लेकिन किसान नेता बने हुए हनुमान बेनीवाल ने इन बिलों को लेकर अभी तक चुप्पी ही साधी हुई हैं।
हनुमान बेनीवाल अक्सर कहते हुए नजर आते हैं कि उन्होंने कई बार किसानों के लिए मंत्री पदों को ठोकर मारी हैं, कई बार उन्होंने किसानों के लिए बड़े-बड़े दावे भी किए हैं। खैर कुछ भी हो, इस बार किसान नेता अपने गठबंधन को ठोकर नहीं मार पाए।
हरियाणा के किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर भी किसान नेता रहे चुप्प
किसानों से जुड़े हुए हर मुद्दे पर बोलने वाले किसान नेता हरियाणा के पिपली में हुए किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर भी सांसद बेनीवाल ने एक शब्द नहीं बोला, जबकि हर नेता उस घटना की निंदा करता हुआ नजर आया हैं। हनुमान बेनीवाल हरियाणा में भी कई बार सभाएं कर चुके हैं और आंदोलन में भी भाग ले चुके हैं। हरियाणा में अपने पार्टी विस्तार की बात करते हुए अक्सर नेताजी देखे जाते हैं, लेकिन इस बार इस मामले में भी उनकी चुप्पी किसानों को नजर आई हैं।

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