जयपुर, राजस्थान।
राजस्थान प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के अलावा अब क्षेत्रीय दल भी सक्रिय हो रहे हैं, हालांकि क्षेत्रीय दलों की विधानसभा में हिस्सेदारी काफी कम है, लेकिन अब स्थानीय चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी को टक्कर देने की तैयारी राजस्थान के क्षेत्रीय दल कर रहे हैं। राजस्थान प्रदेश में 6 नगर निगमों, नगरपालिकाओं और नगरपरिषदसहित 129 निकायों में चुनाव होने हैं। हालांकि निकाय चुनाव अब तक हो जाते लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यह चुनाव इस साल नवम्बर या दिसम्बर में हो सकते हैं।
बसपा, बीटीपी और आम आदमी पार्टी कर रही तैयारी
निकाय चुनाव को लेकर क्षेत्रीय दल धरातल पर तैयारी करने में जुट गए है, हालांकि सभी छोटे दल एक मंच पर तो नहीं आ रहे हैं, लेकिन अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। विधानसभा चुनाव में बीटीपी ने 2 विधायक जिताये थे, बसपा ने 6 विधायक जिताये, लेकिन आम आदमी पार्टी का खाता नहीं खुला था। सभी पार्टियां निकाय चुनाव को लेकर काफी सक्रिय हो गई हैं। छोटी पार्टियां स्थानीय स्तर पर अपनी सरकार बनाने की कवायद में हैं।
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा का कहना हैं कि निकाय चुनाव के जरिये हम संगठन को मजबूत करेंगें, बसपा ने वार्ड समितियां भी बनाई हैं। वहीं बीटीपी विधायक राजकुमार रोत का कहना हैं कि स्थानीय चुनाव में हम डूंगरपुर में ही परचम लहराएंगे। वही इस राह पर आम आदमी पार्टी हैं, हो छोटे स्तर पर तैयारी कर रही हैं।
इसके अलावा राजस्थान में तीसरे मोर्चे के रूप में हनुमान बेनीवाल की पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी भी हैं, लेकिन इस पार्टी ने अपने शुरुआती दौर में ही बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया। विधानसभा चुनाव में रालोपा अकेली थी, उसके बाद लगातार बीजेपी के साथ हैं।

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