जयपुर, राजस्थान।
राजस्थान के इस सियासी संकट के बाद कई नेताओं ने अपनी सक्रियता को फिर से बढ़ा दिया है, पिछले 1 महीने के दौरान वो नेता भी सक्रिय हो गए थे जो काफी दिनों से चुप्पी साधे हुए थे, उनमे एक नाम राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का भी नाम शामिल है। वसुंधरा राजे काफी महीनों से राजस्थान की राजनीति से दूर हो गई थी, लेकिन एकाएक गहलोत सरकार पर आए संकट के बाद वसुंधरा राजे सक्रिय हुई और उन्होंने दिल्ली जाकर केंद्रीय नेताओ से मुलाकात की, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से भी मुलाकात की और राजस्थान की राजनीति को लेकर चर्चा भी की।
विधायक, सांसद जयपुर में पहुंच रहे वसुंधरा से मिलने
वसुंधरा राजे विधानसभा सत्र के कारण दिल्ली से वापस जयपुर आ गई और इन दिनों वसुंधरा राजे अपने जयपुर स्थित निवास बंगला नम्बर 13 में है, इस बंगले में हर दिन नई-नई हलचलें देखने को मिल रही है। वसुंधरा राजे से मिलने के लिए कई विधायक, सांसद, पूर्व विधायक, पार्टी के पदाधिकारी पहुंच रहे है और वसुंधरा राजे सभी नेताओं से उनके क्षेत्रों का फीडबैक भी ले रही है। वसुंधरा राजे इन दिनों दिनभर लगातार नेताओं के साथ बैठकें कर रही है। वसुंधरा राजे के एकदम से सक्रिय होने से बीजेपी के दूसरे गुटों के नेताओ में भी चिंता है।
वसुंधरा राजे को इस बार राजस्थान में प्रतिपक्ष नेता भी नहीं बनाया गया, जबकि वो राजस्थान भाजपा की वरिष्ठ नेता है और 2 बार की मुख्यमंत्री भी। हालांकि उनको राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। वसुंधरा की जगह लेने की तैयारी में गजेंद्र सिंह शेखावत, गुलाबचंद कटारिया, राजेन्द्र राठौड़ और सतीश पूनियां है, लेकिन वसुंधरा राजे की इस सक्रियता के चलते इन नेताओं की चिंता काफी बढ़ गई है।

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