अलवर, राजस्थान।
अलवर कांड पर सियासी कहर के साथ-साथ चर्चाओं का दौर जारी हैं। हालांकि अलवर रेप मामले में सभी 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करके हिरासत में ले लिया है। वहीं राजस्थान सरकार ने अलवर एसपी को हटाकर नए एसपी अनिल परिस देषमुख को लगा दिया हैं। इस मामले में पुलिस ने मामला भी सही समय पर दर्ज नहीं किया और मामले के बाद कार्यवाही देरी से की थी, जिसमें पुलिस पर सवाल खड़े किए गए थे।
रालोपा सयोंजक हनुमान बेनीवाल डीजीपी को हटाने पर तुले
वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सयोंजक हनुमान बेनीवाल ने गहलोत सरकार पर काफी जोर दिया हैं और राजस्थान पुलिस के डीजीपी कपिल गर्ग को उनके पद से हटाने की मांग की हैं। यही नही बेनीवाल ने इसके लिए उचित नियम कायदों के साथ मांग की। नियम के हिसाब से अलवर में घटना होने पर मामला दर्ज होते ही डीजीपी को इसकी खबर होनी चाहिए, लेकिन उन्होंने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की, जिसके कारण डीजीपी कपिल गर्ग पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
विधायक बेनीवाल ने कोर्ट के आदशों की कॉपी लगाकर ट्विटर पर भी गहलोत सरकार को घेर कर रखा हैं। विधायक बेनीवाल ने अलवर के नए एसपी अनिल परिस देषमुख पर आपत्ति जताई हैं, बेनीवाल का मानना हैं कि देषमुख दलित समाज का विरोधी हैं, तो वो अलवर में कैसे दलितों की रक्षा कर सकता हैं? इस मामले में बेनीवाल ने कहा हैं कि एसपी देषमुख की वजह से नागौर में दलित पुलिस जवान ने परिवार सहित आत्महत्या की थी।

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