बाड़मेर, राजस्थान।बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट राजस्थान की लोकसभा सीटों में सबसे अहम हैं और इस बार इस सीट क् चुनाव पेचीदा भी हो सकता हैं, इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी निगाहें टिका रखी हैं, तो रालोपा के नेता उम्मेदाराम बेनीवाल भी दिनोंदिन बाड़मेर की राजनीति में अपने कदम बढ़ाते चले जा रहे हैं। जातिगत समीकरणों की बात करे तो यह सीट जाट बाहुल्य भी हैं।
इस सीट पर सांसद कर्नल सोनाराम, भाजपा नेता प्रियंका चौधरी, भाजपा नेता अर्जुनपुरी, कांग्रेस के हरीश चौधरी, कांग्रेस की प्रिया चौधरी, कांग्रेस के मानवेन्द्र सिंह इस सीट से मुख्य दावेदार हैं। इस बार पहली बार राजस्थान विधानसभा का चुनाव लड़ने वाली पार्टी रालोपा के बायतु प्रत्याशी उम्मेदाराम बेनीवाल भी इस लोकसभा सीट से प्रत्याशी हो सकते हैं।
बाड़मेर में यू आर बेनीवाल के बढ़ते कदम
विधानसभा चुनाव में यू आर बेनिवाल ने रालोपा से बायतु विधानसभा चुनाव लड़ा था, उम्मेदाराम बेनीवाल बहुत कम वोटों से हारे थे। उम्मेदाराम बेनीवाल ने भाजपा नेता कैलाश चौधरी को पीछे छोड़ दिया और खुद को दूसरे स्थान पर ले आये। विधानसभा चुनाव में हारने के बाद यू आर बेनीवाल ने पीछे मुड़कर नही देखा। उन्होंने इस विधानसभा सीट ले अलावा पूरे बाड़मेर में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश की हैं।
विधानसभा चुनाव के बाद से ही हर एक दिन उम्मेदाराम बेनीवाल ने बाड़मेर के हर गांव का दौरा किया हैं। आये दिन उम्मेदाराम बेनीवाल हर किसी गांव में सामाजिक कार्यक्रम हो या कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम हो, उनमें नजर जरूर आते हैं, जिसके कारण उनकी इस क्षेत्र में अच्छी पकड़ बनी है।
इसके अलावा उम्मेदाराम बेनीवाल ने कई जगहों पर बड़े-बड़े कार्य करवाने की भी घोषणा की हैं। गणतंत्र दिवस ले मौके पर उम्मेदाराम बेनीवाल ने 4 गांवों में स्मार्ट और डिजिटल क्लास रूम अपनी खुद की सम्पति से बनवाने की घोषणा की थी, जिसके बाद वे काफ़ी चर्चा में आये थे।
इसी साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए रालोपा कार्यकर्ताओं ने उम्मेदाराम बेनीवाल को अपना लोकसभा उम्मीदवार बनाकर उनका प्रचार करना भी शुरू कर रखा हैं। साथ ही उम्मेदाराम बेनीवाल को बाड़मेर की जनता का खूब जन समर्थन भी मिलता जा रहा हैं, जिसके कारण उम्मेदाराम बेनीवाल अगर लोकसभा चुनाव में खड़े होते हैं, तो भाजपा और कांग्रेस के लिए एक नई मुसीबत बन सकते हैं।




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