गंगानगर, राजस्थान। जो गांव आपके कारनामों की आलोचना करता था, वहीं गांव अगर आपका स्वागत करें तो कैसा लगता हैं?? जी हाँ कुछ ऐसा ही राजस्थान की रेसलर सनी जाट के साथ हुआ है।
रेसलर सनी जाट ने जब रेसलिंग का सपना पाला था, उस समय परिवार, गांव और रिश्तेदारों ने उनके इस सपने का मजाक बनाया और उनके पिता को रेसलिंग को लेकर ताने भी मारे थे। लोगों ने सनी के पिता को तो यहाँ तक कह दिया था कि यह लड़की आपको बर्बाद कर देगी। लेकिन आज उसी गांव में सनी जाट रेसलिंग जीतकर वापिस पहुंची हैं।
पिता को गांव वालों की वजह से छोड़ना पड़ा अपना पैतृक गांव, आज गांव वाले कर रहे स्वागत
जब गांव वालों ने सनी की रेसलिंग को लेकर आलोचना करनी शुरू कर दी तो पिता जयमल गोदारा अपना पैतृक गांव ही छोड़ना सही समझा, क्योंकि उनको अपनी बेटी पर विश्वास था। पिता जयमल गोदारा ने ज़मीन बेच कर कर्ज ले लिया और बेटी को रेसलिंग की ट्रेनिंग दिलवाना शुरू कर दिया।
बेटी भी अपने पिता के कर्ज को चुकाने के लिए अपने सपनों को साकार करते हुए खरी उतरी। पहली बार फरवरी 2018 में सनी ने अमेरिकी रेसलर को हराकर अपने नाम के आगे रेसलर शब्द जुड़वा दिया। अब 6 जनवरी को रेसलर सनी जाट ने जापान के रेसलर लड़के जीडी और जोधपुर की रेसलर यामिनी सिंह को हराकर फिर से अपने नाम का लोहा मनवाया हैं।
परिवार सहित आज सनी अपने पैतृक गांव पहुंची
आज सनी जाट अपना मैच जीतने के बाद फिर से उसी अपने पैतृक गांव रायसिंह नगर के 68RR पहुंची हैं, जो उन्होंने 2014 में छोड़ दिया था। आज वहीं गांव वाले जो उनकी आलोचना करते थे, आज स्वागत कर रहे हैं। वहीं परिवार वाले, वहीं रिस्तेदार आज उनको गले लगा रहे हैं।
सनी के जितने के बाद गांव वाले उनके आने का इंतजार करने लग गए थे, आज सनी अपने परिवार के साथ उसी परिवार वापस पहुंची हैं। गांव वाले सनी को तिलक लगाकर उनका स्वागत करने में लगे हुए है।



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