वर्तमान में भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई हैं। 16 जून को गलवान घाटी पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए हैं, वहीं इस झड़प में 43 चीन के जवानों के भी मारे जाने की खबर हैं। काफी दिनों से भारत और चीन के बीच यह तनाव चल रहा हैं, हालांकि अब 16 जून की घटना के बाद तनाव काफी बढ़ गया हैं, लेकिन इस बीच बहुत से लोगों के मन मे एक सवाल उठ रहा हैं कि भारत और चीन के पास खूब हथियार हैं, सैन्य ताकत हैं, लेकिन फिर भी इन देशों के जवानों हाथों से लड़ रहे हैं। इस सवाल का जवाब आज हम आपको देने जा रहे हैं।
16 जून को जो घटना हुई उसमे भी सेनिको ने धक्का मुक्की की और दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई, इस घटना में किसी ने भी गोली नहीं चलाई और न ही किसी अन्य हथियार का इस्तेमाल किया। आखिर ऐसा इसलिए हो रहा हैं कि भारत और चीन के बीच एक समझौता किया गया हैं, यह समझौता 1993, 1996 और 2013 में भी हुआ, इस समझौते के तहत दोनों देशों के जवान बॉर्डर पर ड्यूटी करते वक्त हथियार नहीं रख सकता और न ही चला सकता हैं।
इस समझौते में यह भी कहा कि अगर कोई बड़ा अफसर, जिसके पास हथियार हो तो भी वो बंदूक का मुहं जमीन की तरफ रखेगा। इस कारण ही दोनों देशों के जवान बोर्डर पर बिना बंदूक, बिना किसी हथियार के ड्यूटी करते हैं। इतने सालों में किसी भी ने यह नियम नहीं तोड़ा हैं। हालांकि चीन के साथ इस तरह की झड़प 2017 में भी हुई थी, उस समय भी झड़प ही हुई, न कि किसी हथियार का उपयोग हुआ।
इस स्थिति में सैन्य जवान धक्का मुक्की करते हैं और झड़प करके ही लड़ाई करते हैं। 16 जून को भी यही हुआ, लगभग 4 घण्टे तक दोनो ओर के जवानों के बीच इस तरह झड़प हुई, जिसमें दोनों ही देशों के जवानों की मौत हुई।

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