नागौर जिले के लिए आज का दिन भी बुरा रहा, क्योंकि जिले के एक जवान के शहीद होने की खबर आज भी आई हैं, सोमवार को भी नागौर का एक जवान शहीद हुआ था। दरअसल दोनों जवान एक साथ ही ट्रेनिंग कर रहे थे, दोनों जवान लगभग 8 महीने पहले ही आर्मी में भर्ती हुए थे, दोनों साथी जवान आर्मी के लखनऊ ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग कर रहे थे। सोमवार को नागौर के डीडवाना के डाकिपुरा गांव का जवान कमल जाखड़ शहीद हुआ था, आज मंगलवार को डीडवाना के कोलिया गांव का दिनेश सैनी शहीद हुआ हैं।
सोमवार को शहीद हुए जवान के बारे में सेना की ओर से कहा गया कि दौड़ के दौरान जवान गश खाकर गिर गया, जिसके बाद इलाज के दौरान जवान ने दम तोड़ दिया, यही बात आज शहीद हुए जवान दिनेश सैनी के बारे में कही गई हैं। दोनों ही जवानों की उम्र लगभग 20 साल ही हैं। आखिर क्या कारण हैं कि जवान ट्रेनिंग के दौरान ऐसे शहीद हो गए, क्या कारण हैं कि दो दिनों में दो जवान एक ही कारण शहीद हुए? कई लोग इस मामले को लेकर काफी चर्चा भी कर रहे है और यह चर्चा तब शूरू हुई जब आज एक जवान फिर वैसे ही शहीद हुआ?
क्या सेना के ट्रेनर ने ऐसे हार्ड ट्रेनिंग करवाई या फिर ट्रेनरों ने कोई लापरवाही बरती, जिसके कारण जवान शहीद हुए? क्योंकि सेना की ट्रेनिंग हर तरह की सावधानी बरती जाती हैं, ट्रेनिग में जवानों के हेल्थ का पूरा ध्यान रखा जाता हैं और उसी के आधार पर ट्रेनिंग करवाई जाती हैं। सोशल मीडिया पर आज दूसरे जवान की खबर सुनकर हर कोई ट्रेनरों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग कर रहा हैं।
हालांकि यह दोनों घटनाएं एक संयोग भी हो सकती हैं, लेकिन फिर भी अब दूसरे जवान के शहीद होने के बाद ऐसे सवाल उठ रहे हैं। दरअसल सेना एक ऐसा ऑर्गेनाइजेशन हैं, जहां मीडिया पाबंद रहता हैं। हर कोई व्यक्ति सेना के केम्प आ जा नहीं सकता हैं। ऐसे में सेना के अफसर ही परिजनों को जानकारी देते हैं और जवान की पार्थिव देह को घर भिजवाया जाता हैं।

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