राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत 15 जिलों में कई सड़कें बनाना चाह रही थी, इसके लिए सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग ने एक सूची बनाकर केंद्र को भेज दी, लेकिन सरकार ने सम्बंधित जिलों के सांसदों से अनुमति नहीं ली। नियमों के आधार पर सरकार को सम्बंधित जिले के सांसद से अनुमति लेना आवश्यक हैं, क्योंकि इन सड़कों का 60% खर्च केंद्र सरकार तो 40 % खर्च राज्य सरकार उठाती हैं। ऐसे में सांसदो की सहमति से ही यह सड़कें बनती हैं, हालांकि काम राज्य सरकार ही करवाती हैं।
राजस्थान सरकार ने बिना सांसदों की अनुमति के यह लिस्ट आगे भेज दी। राजस्थान के नागौर जिले में भी कई किलोमीटर सड़कें इसी योजना के तहत बनने वाली थी, पीडब्ल्यूडी विभाग ने बिना सांसद हनुमान बेनीवाल की सहमति के यह लेटर आगे भेज दिया, जब हनुमान बेनीवाल को इस बात का पता लगा तो उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर इस पर कार्यवाही करने की मांग की, इस मांग पर केंद्रीय मंत्री ने सरकार की लिस्ट पर रोक लगा दी और 15 दिनों के अंदर सहमति लेटर भिजवाने का नोटिस दिया।
इस मामले में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पीडब्ल्यूडी विभाग के मंत्री और डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने नियमों की अवहेलना की हैं और बिना सांसदों की सहमति के यह काम किया। बेनीवाल ने कहा कि मैंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर इस पर रोक लगा दी हैं।

Tnxx for comment