सीकर, राजस्थान।
बहुत से लोग राजनीति से नफरत भी करते हैं, कहा जाता हैं कि राजनीति बेहद खराब होती हैं। इसका उदाहरण कल राजस्थान के सीकर जिले में ही देखने को मिला, जिसने भी सुना उसको दुःख ही हुआ। सीकर में डेढ़ साल पहले एक छात्र नेता पर राजनीतिक रंजिश को लेकर हमला हुआ, हमले में घायल छात्र नेता डेढ़ साल तक कोमा में रहा और अब छात्रनेता मंजीत बाजिया ने कल रात दम तोड़ दिया। जिसने भी यह खबर सुनी, हर कोई सुनकर दुःखी हो गया। सभी ने कहा राजनीति की ऐसी रंजिश नहीं देखी।
आखिर क्या था पूरा मामला, किसने किया हमला
मंजीत बाजिया सीकर जिले में छात्र राजनीति में उभर ही रहे थे। वो NSUI के जिलाध्यक्ष का चुनाव जीतकर इस पद पर पहुंच गए थे, लेकिन इसी के साथ उनके साथ एक रंजिश जुड़ गई। जिलाध्यक्ष चुनाव के समय उसी के साथियों के साथ कुछ रंजिश हो गई। पिछले साल मई में मंजीत बाजिया एक शादी से अपने घर आ रहे थे, इसी दौरान रस्ते में भढाढ़र गांव में दिनेश नागा, दिनेश बुडानिया, शिवा, सुभाष, नितिन यादव, सुनील, पिंटू और बंटी ने उन पर हमला हुआ।
सिर में चोट लगने से मंजीत बाजिया कोमा में चले गए। कई महीनों तक मंजीत का जयपुर में इलाज चला था, लेकिन उसके बाद उनको पैतृक गांव माजीपुरा लाया गया, जहाँ वो अभी तक मंजीत कोमा में ही थे। कल रात मंजीत की तबियत बिगड़ने से परिजनों ने सीकर के एस के अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां मनजीत ने दम तोड़ दिया।

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