मंडावा, राजस्थान।
मंडावा विधानसभा सीट पर कल सोमवार को मतदान हो जा रहा हैं, इस सीट पर 2 प्रत्याशियों में सीधा मुकाबला हैं। एक तरफ कांग्रेस से पूर्व विधायक रिटा चौधरी मैदान में है, तो दूसरी तरफ भाजपा से सुशीला सिगड़ा मैदान में हैं। दोनों ही प्रत्याशियों के बीच बराबर का मुकाबला माना जा रहा हैं। मंडावा सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती हैं, आजादी के बाद इस सीट पर हमेशा कांग्रेस ही विजयी होती थी, लेकिन 2013 के बाद इस सीट पर कई बदलाव भी हुए। 2013 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नरेंद्र खीचड़ विजयी हुए, तो हाल ही में 2018 के विधानसभा चुनाव में फिर नरेंद्र खीचड़ भाजपा प्रत्याशी के तौर पर विजयी हुए।
रिटा चौधरी इस सीट से 2008 में पहली बार विधायक बनी थी। रिटा चौधरी कांग्रेस के कदावर नेता और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रामनारायण चौधरी की बेटी हैं। रामनारायण चौधरी इस सीट से 6 बार विधायक रह चुके हैं और एक बार उनकी बेटी विधायक बनी, इस प्रकार इस परिवार ने इस सीट पर 35 साल तक राज किया हैं, दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी सुशीला सिगड़ा हैं, जो झुंझनु से 3 बार प्रधान रह चुकी हैं, उनके ससुर भी झुंझनु से प्रधान रह चुके है। आइये अब जानते हैं कि इस सीट का चुनावी गणित क्या है और इस सीट के समीकरण कैसे है।
मंडावा विधानसभा सीट : चुनावी गणित और समीकरण
मंडावा विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई थी, यह सीट जाट बाहुल्य सीट हैं, इसलिय इस सीट पर जाट प्रत्याशियों का ही कब्जा रहता हैं। इस सीट पर कुल 2,27,414 मतदाता हैं, इनमें से 1,17,742 पुरूष और 1,09,672 महिला मतदाता हैं। इस सीट पर 65000 जाट मतदाता हैं, तो 48000 एससी मतदाता हैं, वहीं 47000 मुस्लिम मतदाता हैं। इसके अलावा 22000 राजपूत मतदाता हैं, ब्राम्हण बनिया 16000 मतदाता हैं, 9000 कुम्हार, 16000 माली, जांगिड़ 8000 और 15000 अन्य मतदाता हैं।
मण्डावा सीट पर अभी तक भाजपा एक ही बार विजयी हुई है और वो भी हाल ही में 2018 के विधानसभा चुनाव में। बाकी इस सीट पर हमेशा कांग्रेस का ही दबदबा रहा हैं, हालांकि इस चुनाव में क्या होगा, यह तो 24 तारीख को ही पता चलेगा कि अगले 4 साल तक इस सीट का प्रतिनिधित्व कौन करेगा?

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