नागौर, राजस्थान।
राजनीति में कब, कौन किसके साथ आ जाये, इस बात का पता नहीं चलता। हो सकता हैं, जो कल एक-दूसरे के विरोधी रहे हो, आज वो एक साथ हो। ऐसा राजनीति में हमेशा से ही होता आया हैं, लेकिन आज हम यह बात रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल और पूर्व मंत्री भाजपा नेता गजेंद्र सिंह खींवसर की कर रहे है। यह दोनों ही नेता राजनीति में एक-दूसरे के घूर विरोधी हुआ करते थे। जब प्रदेश में वसुंधरा राजे की सरकार थी, तब गजेन्द्र सिंह खींवसर वसुंधरा सरकार में मंत्री हुआ करते थे। उस समय हनुमान बेनीवाल ने प्रदेश में एक बड़ी लड़ाई छेड़ रखी थी।
उस समय हनुमान बेनीवाल किसी भी मंच पर भाजपा सरकार को कोसने से नहीं चूकते थे। बेनीवाल हमेशा तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर और मंत्री यूनुस खान को हमेशा कोसते थे। हनुमान बेनीवाल ने इन नेताओं पर कई बड़े आरोप भी लगाए थे। गजेंद्र सिंह खींवसर बिजली मंत्री हुआ करते थे, उस समय बेनीवाल ने इन पर बिजली चोरी और घोटाले के आरोप भी लगाए थे। खींवसर में भी बेनीवाल हमेशा गजेंद्र सिंह पर वार करते दिखाई देते थे।
विधानसभा चुनाव 2018 में बेनीवाल ने गजेंद्र सिंह खींवसर को हराने की बात भी कही थी, उस समय बेनीवाल ने कहा था कि गजेंद्र सिंह को हर हालात में भारी मतों से हराऊंगा और इसके लिए उन्होंने अपनी ताकत भी लगाई थी। इसी के चलते गजेंद्र सिंह को विधानसभा चुनाव बहुत बड़ी हार मिली। इस तरह हनुमान बेनीवाल और गजेंद्र सिंह खींवसर हमेशा से ही एक-दूसरे के विरोधी रहे है।
एक-दूसरे के विरोधी अब दिखे एक मंच पर एक साथ
लेकिन अब यह हालात बदल गए है। बेनीवाल की पार्टी और भाजपा में गठबंधन हो गया हैं। धीरे धीरे बेनीवाल और भाजपा के तमाम नेता अब एक साथ आ गए है। लोकसभा चुनाव में भी गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह हनुमान बेनीवाल के साथ दिखाई दे रहे थे। अब खींवसर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहा हैं। इस समय गजेंद्र सिंह खींवसर और हनुमान बेनीवाल एक साथ एक मंच पर प्रचार करते दिखाई दे रहे है। यह वाक्या रविवार का हैं। रविवार को हनुमान बेनीवाल और गजेंद्र सिंह खींवसर ने पूरे दिन एक साथ एक मंच पर इस तरह प्रचार किया। यह काफी चर्चा का विषय भी रहा। इस तरह राजनीति में कौन कब किसके साथ आ जाये यह पता नहीं चलता हैं।



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