खींवसर, नागौर।
खींवसर उपचुनाव में रालोपा के नारायण बेनीवाल को विजयी मिली हैं। नारायण बेनीवाल ने पहला चुनाव लड़ा और पहले ही चुनाव में सीधे विधायक बन गए नारायण बेनीवाल। लेकिन ऐसा क्या कारण रहा कि नारायण बेनीवाल पहले ही चुनाव में सीधे विधायक तक पहुंच गए? क्या कारण रहा कि कांग्रेस कदावर नेता हरेन्द्र मिर्धा को रालोपा के नारायण बेनीवाल ने मात दे दी? सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को कैसे हरा पाए नारायण बेनीवाल? इन सब सवालों के जवाब हम दे रहे है आपको?
नारायण बेनीवाल की जीत के 5 सबसे बड़े कारण
1. नारायण बेनीवाल लगभग 10 सालो से सहकारिता से जुड़े थे, इस कारण जमीनी स्तर पर उनका जुड़ाव स्थानीय लोगों से काफी ज्यादा था।
2. बड़े भाई हनुमान बेनीवाल की क्षेत्र में 15 सालों से राजनीतिक पकड़ नारायण बेनीवाल को जिताने में काफी अहम थी।
3. भाजपा से गठबंधन और बड़े नेताओं से चुनाव प्रचार भी नारायण बेनीवाल के लिए काफी असरदायक थी।
4. नारायण बेनीवाल अपने बड़े भाई का काम काफी सालों से देख रहे थे और पिछले 5 सालों से एक जनप्रतिनिधि की तरह ही काम और संघर्ष कर रहे थे। यह भी एक बड़ा कारण उनकी जीत में रहा।
5. नारायण बेनीवाल का स्वभाव सरल और काफी स्वच्छ हैं, वो अपने भाई के उल्टे स्वभाव के हैं, उनका किसी से कोई मतभेद नहीं हैं। बेदाग छवि भी नारायण बेनीवाल की हैं। इसलिए हर वर्ग के लोगों में नारायण को चुना।


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