नागौर, राजस्थान।
राजस्थान उपचुनाव के परिणाम आ चुके है, इसमें खींवसर विधानसभा सीट पर रालोपा के नारायण बेनीवाल ने कांग्रेस के कदावर नेता हरेन्द्र मिर्धा को हरा दिया हैं। नारायण बेनीवाल पहली बार विधानसभा पहुंचे है। नागौर के इस मिर्धा परिवार और बेनीवाल परिवार के बीच राजनीतिक लड़ाई काफी सालों पुरानी हैं। 1980 से यह परिवार राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं।
नारायण बेनीवाल ने मिर्धा को हराकर दुबारा लिया बदला
1980 में विधानसभा चुनाव हो रहे थे, यही वो समय था, जब मिर्धा परिवार और बेनीवाल परिवार पहली बार आमने-सामने हुए। उस समय मिर्धा परिवार का राजनीतिक वजूद भी काफी ज्यादा था। इस चुनाव में मिर्धा परिवार के हरेन्द्र मिर्धा चुनाव लड़ रहे थे, तो उनके सामने बेनीवाल परिवार के रामदेव बेनीवाल चुनाव लड़ रहे थे। इस चुनाव में हरेन्द्र मिर्धा ने रामदेव बेनिवाल को चुनाव हरा दिया, उसके बाद अगले विधानसभा चुनाव 1985 में वापिस रामदेव बेनीवाल ने हरेन्द्र मिर्धा को चुनाव हराया और अपनी हार का बदला लिया।
अब इतने सालों बाद वहीं हरेन्द्र मिर्धा इस विधानसभा उपचुनाव में उसी रामदेव बेनीवाल के बेटे नारायण बेनीवाल के सामने आ गए। हालांकि मिर्धा परिवार और बेनीवाल परिवार ने और भी चुनाव लड़े। लेकिन हरेन्द्र मिर्धा 1985 के बाद यही चुनाव बेनीवाल परिवार के सामने लड़ रहे थे। इस विधानसभा उपचुनाव में नारायण बेनीवाल ने फिर से हरेन्द्र मिर्धा को हरा दिया और अपने पिता की हार का दूसरी बार बदला लिया है।
सबसे पहले चुनाव में हरेन्द्र मिर्धा ने बेनीवाल परिवार को मात दी, लेकिन उसके बाद बेनीवाल परिवार ने हरेन्द्र मिर्धा को नहीं जितने दिया और नारायण बेनीवाल ने इतनी सालो बाद हरेन्द्र मिर्धा को हराकर फिर से अपने पिता की हार का बदला दुबारा से ले लिया।

Tnxx for comment