नागौर, राजस्थान।
राजस्थान प्रदेश में एक बार फिर चुनावी बिगुल बज चुका हैं, इस बार राजस्थान में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा हैं। इनमें नागौर जिले की खींवसर विधानसभा सीट और झुंझुन जिले की मंडावा सीट हैं। इन दोनों ही सीटों के विधायक लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं।
अब हम खींवसर सीट की बात कर रहे हैं, यह सीट लगातार रालोपा के सयोंजक हनुमान बेनीवाल का गढ़ रही हैं। इस सीट से बेनीवाल ने राजनीतिक सफर शुरू किया था। इस सीट से लगातार वो 3 बार विधायक बने हैं। इस सीट से उन्होंने राजनीति जी शुरुआत करके एक नई पार्टी भी खड़ी कर दी। अब यह सीट रालोपा की पैतृक सीट मानी जाने लगी हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में बेनिवाल ने इस सीट पर बाजी मारी थी, लेकिन सांसद बनने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दे दिया। अब एक बार फिर बेनीवाल इस सीट को रालोपा के खाते में डालना चाहते है, क्योंकि यह सीट उनकी परंपरागत सीट हैं, इसलिए इसको वो खोना नहीं चाहते है। इस सीट पर चर्चा है कि बेनीवाल अपने भाई नारायण बेनीवाल को इस सीट से चुनाव में उतार सकते है। इस सीट को जीतने के लिए बेनीवाल अपना पूरा दम भी लगाएंगे। अब राजस्थान में RLP का बीजेपी से गठबंधन भी हैं। बेनीवाल बीजेपी आलाकमान से बात करके इस सीट को बीजेपी से खाली भी छुड़वा सकते है। क्योंकि इस सीट को बेनीवाल किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इस सीट से उनका काफी लंबा झुडाव हैं। इसप्रकार यह सीट बेनीवाल के लिए काफी अहम है।


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