नागौर, राजस्थान।
हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान की राजनीति में एक सियासी खेल खेला हैं, गहलोत ने रातोंरात बसपा के 6 विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर लिया है। विधानसभा में अब गहलोत ने अपने विधायकों की संख्या 100 से बढ़ाकर 106 कर ली हैं। यह खेल खेलकर गहलोत ने एक बार फिर खुद को राजनीति का जादूगर साबित कर दिया हैं।
अब गहलोत की नजर हनुमान बेनीवाल की पार्टी RLP के दो विधायकों पर है। गहलोत रालोपा के बचे हुए दोनों विधायकों को कांग्रेस में शामिल करके बेनीवाल की ताकत को कमजोर करना चाहते है। अभी विधानसभा में RLP के दो ही विधायक हैं, जिनमें भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग और मेड़ता विधायक इंदिरा देवी बावरी हैं। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा हैं कि गहलोत टीम दोनो विधायकों के सम्पर्क में है और उनको कांग्रेस में शामिल करने की।प्लानिंग बनाई जा रही हैं।
इस घटना की भनक लगते ही बेनीवाल टीम भी सक्रिय हो गई हैं। कल रविवार को रालोपा सयोंजक हनुमान बेनीवाल ने अपने विधायक पुखराज गर्ग से मुलाकात की हैं। हालांकि बताया जा रहा हैं कि रालोपा के दोनों विधायकों को अभी बेनिवाल से काफी उम्मीदें है। लेकिन कांग्रेस की चाल दोनों विधायकों को अपने साथ शामिल करके रालोपा को कमजोर करने की हैं।
कर्णाटक में बीजेपी ने सरकार बनाकर राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार को गिराने की प्लानिंग की थी, लेकिन गहलोत ने सियासी चाल चलकर एक बार फिर अपनी कुर्सी बचा ली हैं। अब गहलोत के पास 106 कांग्रेस के विधायक हैं, इसके अलावा सभी निर्दलीय विधायक भी गहलोत के पाले में है। कुल 118 विधायक अभी गहलोत के साथ हैं, ऐसे में राजस्थान में गहलोत सरकार को गिरना बीजेपी के लिए काफी मुश्किल लग रहा हैं।

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