नागौर, राजस्थान।
राजस्थान में उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। कांग्रेस, भाजपा और रालोपा तीनों पार्टियां ही उपचुनाव को लेकर सक्रीय हो गई हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी ने अपने उमीदवार की घोषणा नहीं की हैं, लेकिन 30 सितम्बर तक सभी उमीदवारों को अपना नामांकन दाखिल करना होगा, ऐसे में अगले 2-3 दिनों तक सभी उम्मीदवारों के नाम सामने आ जाएंगे। राजस्थान में भाजपा और रालोपा का गठबंधन हैं और यह ही कयास लगाए जा रहे है कि यह दोनों पार्टियां 1-1 सीट पर चुनाव लड़ेगी।
खींवसर से नारायण बेनीवाल हो सकते है RLP-BJP के सयुंक्त उमीदवार
बीजेपी और रालोपा गठबंधन को लेकर काफी चर्चा भी हो रही हैं, लेकिन अभी तक यही संकेत मिल रहे है कि खींवसर से रालोपा तो मंडावा से बीजेपी चुनाव लड़ेगी। अगर ऐसा हुआ तो रालोपा से खींवसर विधानसभा से हनुमान बेनीवाल के भाई नारायण बेनीवाल मैदान में उतर सकते है। नारायण बेनीवाल के नाम को लेकर काफी चर्चा भी हो रही हैं।
पिछले 6 महीने से नारायण बेनीवाल काफी सक्रिय भी हैं। फिलहाल नारायण बेनीवाल खींवसर में क्रय विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष हैं, जब से बेनीवाल सांसद बने हैं, तब से नारायण बेनीवाल खींवसर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हुए है। इस बीच उन्होंने किसानों के साथ मिलकर आंदोलन भी किये है। हालांकि रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने कहा हैं कि खींवसर की जनता ही तय करेगी कि कौन होगा खींवसर से उमीदवार?
लेकिन सोशल मीडिया पर भी खींवसर में नारायण बेनीवाल की चर्चासबसे ज्यादा हो रही हैं। दूसरी ओर खींवसर में भाजपा कार्यकर्ता चाह रहे है कि उपचुनाव में खींवसर से बीजेपी चुनाव लड़े और रालोपा यह सीट खाली छोड़ दे। भाजपा नेता दुर्ग सिंह चौहान ने भाजपा आलाकमान को इस सम्बंध में एक पत्र भी लिखा है, लेकिन बेनीवाल के मुताबिक यह गठबंधन तय है और इसकी आधिकारिक घोषणा होना ही बाकी हैं।

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