यह कोई खबर नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत विचार से की गई कुछ पुष्टियां हैं। यह आर्टिकल हमें नहीं लिखना चाहिए लेकिन इस तरह किये गए विरोधाभास को देखते हुए हम यह आर्टिकल लिख रहे है।
दरअसल राजस्थान के सीकर जिले में एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, जिसका नाम Sikar Times हैं, पिछले कुछ दिनों से एक विशेष जातिवाद और गलत आंकलन करके पत्रकारिता पर एक नया ठप्पा लगाने की कोशिश कर रहे है। सीकर टाइम्स ने अपने पेज पर एक व्यक्तिगत एकाउंट की तरह पोस्ट करना शुरू कर दिया हैं। आप उनके पेज पर जाकर अच्छी तरह से देख सकते हैं, यह एक पत्रकारिता पर नया ठप्पा लगा रहे है।
बाड़मेर रैली में भीड़ का आंकलन 10 हजार किया
सीकर टाइम्स ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया हैं, यह वीडियो खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल की बाड़मेर हुंकार रैली को लेकर हैं। इस वीडियो में सीकर टाइम्स ने तमाम जुगाड़ करके इस रैली की भीड़ 10000 बताई हैं, जिनमें आधे से ज्यादा राज्यसभा सांसद किरोडी लाल मीणा की भीड़ बताई गई हैं।
हालांकि भीड़ इस रैली में कितनी आई, इसका आंकलन हमारे चैनल ने नहीं किया है, हम 10 लाख भी नहीं मानते हैं, लेकिन इतना कह सकते है कि 10 हजार से तो कई गुना थी। सीकर टाइम्स ने मैदान की लंबाई को फोटोशॉप के जरिये सिर्फ और सिर्फ 45 मीटर दिखाया हैं, जो महज एक छोटी सी दूरी होती हैं। एक छोटी से सभा मे 20 मीटर दूरी तो आराम से हो ही जाती हैं। दूसरी बात सीकर टाइम्स ने इस मैदान की दूरी ऊँपर से मापी हैं, अगर उस तरह से मापते हैं, तो 45 मीटर ही क्यों, 30 मीटर ही कर सकते है।
अगर पत्रकार महोदय हकीकत में इस रैली की भीड़ का आंकलन करना चाहते हैं, तो बाड़मेर मैदान में जाकर कर सकते है कि वो दूरी कितनी होगी? सीकर मैदान भी उनके पास में ही हैं, वहां जाकर भी सीकर टाइम्स मैदान की लंबाई-चौड़ाई माप सकते है।
बैठने का आंकलन भी बताया गलत
सीकर टाइम्स के हिसाब से रैली में आया हर आदमी बैठा ही था, एक भी आदमी खड़ा नहीं था। इस तरह से उन्होंने यह आंकलन भी गलत बताया हैं। दूसरी सीकर टाइम्स ने खुद ने बताया है कि बेनीवाल समर्थकों ने फोटोशॉप किया है, जो खुद सीकर टाइम्स भी कर सकते है, हो सकता हैं सीकर टाइम्स ने इसमे फोटोशॉप करके गलत आंकलन किया हो, क्योंकि पिछले बहुत दिनों से सीकर टाइम्स बेनीवाल के विरोध की बाते करता हुआ दिखाई दे रहा हैं और इस चैनल पर बिकने के आरोप भी लगे हैं, तो हो सकता हैं उन्होंने मजबूरी में फोटोशॉप किया हो।
अपनी व्यक्तिगत लड़ाई को न्यूज के माध्यम से जाहिर करना गलत
दरअसल सीकर टाइम्स हर बार आरोप लगा रहा हैं कि उनके साथ बेनीवाल समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। ऐसा हो सकता हैं, लेकिन एक सार्वजनिक पेज पर इस तरह से पोस्ट करना गलत हैं। इस पेज पर वो जाट vs राजपूत की स्थिति भी पैदा कर चुके है। इसका सबूत उनके कमेंट में आप देख सकते हैं। राजपूत समाज के युवा उनको अच्छा बता रहे हैं, तो जाट समाज के युवा गलत बात रहे है। अगर उनके साथ कुछ गलत हुआ है, तो उसके लिए कानून हैं। ना कि ऐसे पेज पर विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न करनी चाहिए।
आखिर में इस न्यूज साथी को हम यह कह सकते हैं कि आप अगर आंकलन करना चाहते हैं, तो उस रैली के मैदान में जाकर ही करे और साथ मे एक फीता भी लेकर जाए। अगर सीकर टाइम्स को सब कुछ सही लग रहा हैं, तो वो किसी अलग जाती के व्यक्ति या अंजान व्यक्ति से एक पेज पर विजिट करवाकर पूछे कि यह चैनल सही हैं या नहीं? उनको उचित वो अंजान व्यक्ति दे सकता हैं। धन्यवाद

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