जयपुर, राजस्थान।
लोकसभा चुनावों में भाजपा को मिले अपार जनसमर्थन के बाद अब पीएम मोदी के कैबिनेट मंत्रियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे है कि पीएम मोदी की कैबिनेट में यह सांसद होंगें शामिल, यह नहीं होंगे? वहीं राजस्थान के 25 सांसदों में से 6-7 सांसदों के नाम पर काफी चर्चा चल रही हैं। इसी कड़ी में राजस्थान में रालोपा सयोंजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नाम पर भी काफी चर्चा हो रही हैं।
हनुमान बेनीवाल के मंत्री बनने की यह हैं ग्राउंड रिपोर्ट
हनुमान बेनीवाल राजस्थान में एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिसका भाजपा से गठबंधन हैं। दूसरी ओर हनुमान बेनीवाल उतर भारत मे बड़ा जाट चेहरा भी हैं। एनडीए के कुल 39 घटक दल हैं, इनमें से 21 दलों ने देश की 543 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा। एनडीए के चुनाव लड़ने वाले 21 में से 11 दल ही अपने सांसद बना पाये और 352 सीटें एनडीए ने जीती। यानि एनडीए के भी 10 दल अपना खाता नहीं खोल पाए।
अकेली बीजेपी ने 303 सीटें जीती हैं, एनडीए के जिन 11 दलों के सांसद बने,उनमें मात्र 6 दल ही ऐसे हैं जिनकी जीती हुई सीटों की संख्या 2 या उससे ज़्यादा है। बेनीवाल जी की पार्टी रालोपा 1 सीट जीतकर एनडीए की सातवीं बड़ी पार्टी है यानि बीजेपी के अलावा सहयोगी दलों को 7-8 मंत्री पद भी मिलते हैं, तो बेनीवाल प्रबल दावेदार हैं।
वहीं बेनीवाल उत्तरी भारत का बड़ा जाट चेहरा,क़द्दावर किसान नेता और संघर्षशील छवि के बेनीवाल की वजह से सीधे-सीधे राजस्थान की एक दर्जन सीटों पर भाजपा को फ़ायदा हुआ। बेनीवाल की पकड़ राजस्थान के बाहर हरियाणा और पश्चिमी यूपी तक है, हरियाणा में विधानसभा चुनाव सामने हैं और बेनीवाल के चेहरे को बीजेपी वहाँ भी भूनाना चाहेगी।
संघ परिवार से घनिष्ट सम्बन्ध भी बेनीवाल को मज़बूत बनाते हैं। अगर पिछली बार की तरह राजस्थान के हिस्से में 5 मंत्री भी आते हैं तो बेनीवाल का मंत्री बनना तय है। मोदी शाह भी जानते हैं कि अकेले ख़ुद के दम पर अपनी हुंकार रैलियों में लाखों की भीड़ जुटाने वाला और सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय ये “हनुमान”उनके बहुत काम का है।

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