जोधपुर, राजस्थान।
पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को कैबिनेट मंत्री बनाया गया हैं और उनको जल शक्ति मंत्रालय दिया गया हैं। शेखावत मोदी के पहले कार्यकाल में कृषि राज्य मंत्री के पद पर थे। शेखावत छात्र राजनीति से केंद्रीय मंत्री पद तक पहुंचे है, उनका जीवन भी आम आदमी की तरह संघर्षरत रहा हैं। हालांकि इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि शिक्षा से जुड़ी हुई रही हैं। आज हम उनके प्रारम्भिक जीवन से लेकर अब तक का सफर जानेंगें।
प्रारम्भिक जीवन-
गजेन्द्र सिंह शेखावत का जन्म 3अक्टूबर 19 में हुआ था । राजस्थान के सीकर जिले के महरोली गांव निवासी जलदाय विभाग में वरिष्ठ अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त शंकर सिंह शेखावत के पुत्र गजेन्द्र सिंह शेखावत की स्कूली शिक्षा राजस्थान के अनेक स्थानों पर हुई। स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के बाद उच्च शिक्षा अर्जित करने के लिए गजेन्द्र सिंह शेखवात ने जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्व विद्यालय में प्रवेश लिया।
छात्र राजनीति-
विश्वविद्यालय में कदम रखने के साथ ही मृदुभाषी एवं मिलनसार गजेन्द्र सिंह शेखावत की छवि बतौर छात्रनेता के रूप में बनी। छात्रों के मध्य गजेन्द्र सिंह इतने लोकप्रिय हुए कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उनको वर्ष 1992 में विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा दिया। गजु बन्ना अभाविप की उम्मीदों पर खरे उतरे और भारी मतों के अन्तर से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
छात्र राजनीति में झंडे गाड़ने के बाद दर्शनशास्त्र में स्नात्तकोत्तर प्रखरवक्ता गजेन्द्र सिंह शेखावत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अध्ययन के साथ शेखावत सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे और वाद-विवाद प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया और कई पुरस्कार जीते।छात्र जीवन से ही सक्रिय शेखावत संघ परिवार से जुड़े और संघ के मार्गदर्शन में समाजसेवा को अपनाया।
साथ ही स्वदेशी जागरण मंच में सह - संयोजक के रूप में कार्य किया। बाद में सीमा जन कल्याण समिति में बतौर सचिव पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र विकास में अहम भूमिका निभाई। ग्रामीणों के उत्थान के लिए कार्य किया। शेखावत ने कृषि क्षेत्र में भी कार्य किया, साथ ही समाजसेवा में भी सक्रिय रहे।
केंद्र में राजनीति-
समूचे मारवाड़ में शेखावत की ख्यति बढ़ी तो वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिमी राजस्थान की प्रतिष्ठित जोधपुर संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा शेखावत ने 401051 के रिकॉर्ड मतों से कांग्रेस की उम्मीदवार राजपरिवार की चंद्रेश कुमारी को करारी शिकस्त देकर धमाकेदार जीत हासिल की और सांसद बने। शेखावत ने सांसद रहते हुए कड़ी मेहनत की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह का विश्वास जीता।
शेखावत ने युवा सांसद के तौर पर पहचान हासिल की तो, शेखावत को भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा का राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किया गया । उन्होंने संसद में प्रखर वक्ता के तौर पर जन भावना से जुड़े अनेक मुद्दे प्रमुखता से उठाए और निराकरण में अहम भूमिका निभाई। सादा जीवन और मिलनसारिता के चलते विशेष लाइफ स्टाइल के कारण उनके सोशल मीडिया पर फॉलोवर बढ़ते गए । सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर शेखावत को छह लाख से अधिक बार देखा गया है।
शेखावत ने जोधपुर एयरपोर्ट के विस्तार सहित पूरे संसदीय क्षेत्र के विकास में प्रमुख भूमिका निभाई और युवाओं के बीच बेहतर कार्य कर ख्याति अर्जित की। शेखावत को परिश्रम का फल मिला और सितम्बर 2017 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टीम में स्थान मिला। शेखावत को केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री नियुक्त किया गया। कृषि मंत्रालय में यह जिम्मा मिलने के बाद गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कृषि क्षेत्र के विकास के लिए काम किया और इसके लिए कई देशों के दौरे किए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रतिनिधित्व करते हुए कई राष्ट्रध्यक्षों की अगवानी की। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में देश के सबसे हॉट सीट माने जा रहे जोधपुर से शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को करीब पौने तीन लाख मतों से करारी शिकस्त दी। शेखावत को एक बार फिर मोदी की टीम में शामिल किया हैं। इस बार उनको जल शक्ति मंत्री बनाया गया हैं।



Tnxx for comment