जयपुर, राजस्थान।
राजस्थान में पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर सियासी कहर चल रहा था। इस बीच जाट महासभा ने अब सरकार से वीर साहसी भरतपुर के महाराजा सूरजमल के इतिहास और शौर्य की कहानी को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की। राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील ने शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से यह मांग की हैं। मील ने कहा कि महाराजा सूरजमल राजपूत राजाओं के बीच एक साहसी राजा पैदा हुआ था।
इससे पहले भी यह मांग कही बार उठ चुकी हैं। भाजपा सरकार के समय भी कुछ सवाल उठे गए थे कि आज भी महाराजा सूरजमल का इतिहास किताबों से गायब हैं। वहीं भाजपा नेता भेराराम सियोल ने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भी पहले केंद्रीय पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की थी।
चितौड़ से लुटे हुए दरवाजे दिल्ली से भरतपुर लाये
महाराजा सूरजमल का नाम इतिहास में काफी शुमार था, लेकिन पाठ्यक्रम में उनकी कहानी आज भी कोसो दूर है। अब समाज के संगठनों ने यह मांग उठाई हैं। महाराजा सूरजमल ने 1700 ई. में मुगलों से लोहा लिया था। वहीं राजस्थान की चितौड़ किले से लूट कर ले गए दरवाजे भी मुगलों से वापस छीन कर लाये।
जब दरवाजे भरतपुर पहुंचे तो महाराजा सूरजमल ने चितौड़ में दरवाजे भिजवाने का संदेश आया, लेकिन चितौड़ राजा ने धन्यवाद देते हुए कहा कि दरवाजे चाहे चितौड़ लगे या भरतपुर वो राजस्थान की शान हैं। इसके बाद इन दरवाजों को भरतपुर किले पर लगा दिया। यह दरवाजे आज भी इस किले पर लगे हुए है।

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