कांग्रेस से बगावत करके किसान नेता रुपाराम डूडी ने हनुमान बेनीवाल का ऐसे साथ दिया था

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डीडवाना, नागौर।

आज डीडवाना के विधायक और किसान नेता स्वर्गीय रुपाराम डूडी की छठी पुण्यतिथि हैं। आज हम आपको रुपाराम डूडी की ऐसी कहानी बता रहे हैं, जिसे सुन आप भी उनके स्वाभिमान पर गर्व करोगे। बात हैं 2014 में हुए लोकसभा चुनावों की। उस समय कांग्रेस अपनी पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा को टिकट दे रही थी, तो मिर्धा का विरोध करने विधायक रुपाराम डूडी दिल्ली चले गए। उनके साथ मकराना के पूर्व विधायक जाकिर हुसैन गैसावत और कई कांग्रेसी नेता थे।

हालांकि कांग्रेस ने मिर्धा को टिकट दे दिया, जिसके कारण विधायक रुपाराम डूडी समेत कई नेताओं में नाराजगी थी। उधर भाजपा से वसुंधरा राजे के खास सी आर चौधरी को टिकट मिला। इस चुनाव में नागौर में उभरते हुए नेता खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने निर्दलीय ताल ठोक दी। किसान नेता रुपाराम डूडी ने कांग्रेस से खुली बगावत कर दी।


कांग्रेस से बगावत करके ऐसे दिया बेनीवाल का साथ:-

किसान नेता रूपाराम डूडी ने अपनी पार्टी कांग्रेस से बगावत करके निर्दलीय हनुमान बेनीवाल का साथ देने का मन बना लिया और अपने साथ कई कांग्रेसी नेताओं को भी शामिल कर लिया। विधायक रुपाराम डूडी ने हनुमान बेनीवाल के साथ मिलकर पशु पर्दशनी मेला मैदान में एक बड़ी सभा का आयोजन करके बेनीवाल का साथ देने का एलान किया।

उसके बाद गांव-गांव और ढाणी- ढाणी जाकर हनुमान बेनीवाल का प्रचार करने में विधायक रुपाराम डूडी सबसे आगे रहे। बेनीवाल के लिए एक-एक वोट जोड़ने लग गए रूपाराम डूडी। चुनाव में भाजपा के सी आर चौधरी की जीत हो गई और ज्योति मिर्धा हार गई। मिर्धा इस चुनाव में 75000 वोट से हारी थी।

रूपाराम डूडी के ऐसा करने के कारण राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ने रूपाराम डूडी को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया था। हालांकि मकराना के पूर्व विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने भी ज्योति मिर्धा का विरोध किया था, लेकिन सबसे पहले कार्यवाही रूपाराम डूडी पर ही हुई। हालांकि बाद कांग्रेस ने उनके बेटे चेतन डूडी को टिकट दी और वर्तमान में चेतन डूडी कांग्रेस से डीडवाना से विधायक हैं।


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