रालोपा का चुनाव चिन्ह इसलिए बदला, जाने इसका नियम और कानून

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जयपुर, राजस्थान।

राजस्थान विधानसभा चुनावों से ठीक एक महीने पहले बनी राजस्थान की नई पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का चुनाव चिन्ह अब बदल दिया गया हैं। विधानसभा चुनाव में इस पार्टी का चुनाव चिन्ह बोतल था, लेकिन अब लोकसभा चुनावों में यह चुनाव चिन्ह गुजरात की 'हिंदुस्तान राष्ट्रीय पावर पार्टी' को दे दिया गया हैं, जबकि बेनीवाल की पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को 'टायर' चुनाव चिन्ह दिया गया हैं। लोकसभा चुनावों को लेकर राजस्थान में भाजपा और रालोपा ने गठबंधन किया हैं। रालोपा राजस्थान की एक सीट पर चुनाव लड़ रही हैं।


इसलिए बदला चुनाव चिन्ह, यह हैं नियम और कानून

चुनाव आयोग को एक विशेष अधिकार हैं कि वो उन पार्टियों का चुनाव बदल सकता हैं, जिनके पास विधानसभा में 2 विधायक न हो और उनका वोट शेयर 6 प्रतिशत से कम हो। रालोपा के पास विधानसभा में 3 विधायक हैं, लेकिन राजस्थान में रालोपा का वोट शेयर 6% से कम है। इसलिए चुनाव आयोग ने रालोपा का चुनाव चिन्ह बदल दिया हैं। इस सम्बंध में चुनाव आयोग के पास एक स्पेशल नियम 1968 बना था, जो पार्टियो के चुनाव चिन्ह अधिकार से सम्बंधित हैं।

इस नियम के लिए 2012 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं को।खारिज कर दिया। कोर्ट का कहना हैं कि प्रादेशिक पार्टियो के पास 2 विधायक और 6 प्रतिशत वोट शेयर होना जरूरी हैं, अगर ऐसा नहीं हैं, तो कि चुनाव आयोग चुनाव

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