बीकानेर, राजस्थान। पुलवामा हमला से हर एक भारतीय परिचित है। देश की जनता पुलवामा के शहीदों के लिए केंडल मार्च निकाल रही हैं, तो साथ मे बदले की मांग भी कर रही हैं। लेकिन इसी बीच बीकानेर के एक युवक गोपाल सारण का अंदाज कुछ अलग ही हैं। बीकानेर जिले के मोमासर गांव के युवक गोपाल सारण ने पुलवामा में शहीद हुए जवानों के नाम अपनी पीठ पर खुदवाए हैं। यह नाम कभी मिटने वाले नहीं हैं।
मैंने अपनी पीठ पर शहीद स्मारक बनवाया हैं- गोपाल सारण
गोपाल सारण का कहना हैं कि कुछ लोग केंडल मार्च निकाल कर शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, तो कुछ दीपक जलाकर। इसलिए मैंने फैंसला किया है कि मैं अपनी पीठ पर यह नाम खुदवाकर अपने देश के जवानों का शहीद स्मारक बनावा रहा हूँ। गोपाल सारण का मानना हैं कि मेरे इस कदम के बाद युवाओं को देशभक्ति को लेकर एक अलग ही प्रेरणा मिलेगी। गोपाल सारण का कहना हैं कि कुछ युवा अपने शरीर पर दिल या अपनी प्रेमिका का नाम लिखवाते हैं, मैं अपने देश से प्रेम करता हूँ, इसलिए मैंने जवानों के नाम लिखवाए हैं, जो इस देश के लिए शहीद हो गए है।



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