जयपुर, राजस्थान। इन दिनों राजस्थान के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही हैं। जहां एक ओर लोग रात गुजारने के लिए अपने घरों में हीटर और अलाव का सहारा ले रहें हैं, वहीं किसान पूरी रात अपने खेतों की चौकीदार कर रहें है। इस कड़ाके की सर्दी में भी किसानों की पूरी रात अपने खेत मे ही निकल जाती हैं।
दरअसल किसानों को डर हैं कि आवारा पशु उनके खेतों में घुसकर उनकी फ़सल बर्बाद कर देंगें। ऐसा बहुत से किसानों के साथ हो जाता हैं। एक साथ झुंड में आये हुए पशु अगर एक खेत मे घुस गए तो उस किसान की पूरी फ़सल को कुछ देर बाद पूरी तरह से बर्बाद कर देते हैं।
फ़सल के बर्बाद होने के डर से किसानों को पूरी रात खेतों में ही गुजारनी पड़ती हैं। शाम होते ही किसान टोर्च और डंडा लेकर अपने खेतों में पहुंच जाते हैं। राजस्थान के सीकर, जयपुर, झुंझुनूं, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में रबी की फ़सल ज्यादा होती हैं। इन क्षेत्रों में आवारा पशुओं के घुसने का डर ज्यादा रहता हैं।
दरअसल किसानों को डर हैं कि आवारा पशु उनके खेतों में घुसकर उनकी फ़सल बर्बाद कर देंगें। ऐसा बहुत से किसानों के साथ हो जाता हैं। एक साथ झुंड में आये हुए पशु अगर एक खेत मे घुस गए तो उस किसान की पूरी फ़सल को कुछ देर बाद पूरी तरह से बर्बाद कर देते हैं।
फ़सल के बर्बाद होने के डर से किसानों को पूरी रात खेतों में ही गुजारनी पड़ती हैं। शाम होते ही किसान टोर्च और डंडा लेकर अपने खेतों में पहुंच जाते हैं। राजस्थान के सीकर, जयपुर, झुंझुनूं, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में रबी की फ़सल ज्यादा होती हैं। इन क्षेत्रों में आवारा पशुओं के घुसने का डर ज्यादा रहता हैं।
गांवों में नहीं बनी हैं गौशालाएं
अधिकतर गांवों में गौशाला नहीं होने के कारण आवारा पशुओं का आतंक सबसे ज्यादा रहता हैं। किसान अपने खेतों को बचाने के लिए तारबंदी भी करते हैं, लेकिन पशुओं का झुंड एक साथ आकर उसे भी तोड़ देता हैं।



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