पेट्रोल पंप पर तेल भरने वाले प्रेमी के लिए शिक्षक पति की हत्या करवा दी पत्नी ने

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श्योपुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। मामला प्रेम, विश्वासघात और दर्दनाक हत्या का है, जहाँ एक महिला ने अपने शिक्षक पति की हत्या अपने प्रेमी के लिए कर दी। यह घटना न केवल सामाजिक सरोकारों को चुनौती देती है बल्कि घरेलू रिश्तों में विश्वास की दुर्दशा को भी उजागर करती है।

1. घटना का मुख्य खुलासा

मामला मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले का है। पुलिस ने एक शिक्षक के शव को नौनपुरा घाटी के पास खाई में पाया था। शुरुआत में मृतक के शरीर को सड़क हादसे का शिकार समझा गया, लेकिन पुलिस की गहन जांच में यह मामला एक सुनियोजित हत्या की साजिश निकला। जांच के बाद पुलिस ने हत्या के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है — मृतक की पत्नी, पत्नी का प्रेमी और एक अन्य साथी। 

2. मृतक कौन था?

हत्या का शिकार हुए व्यक्ति का नाम रमाकांत पाठक था। वह एक शिक्षक थे और अपने परिवार के साथ श्योपुर में रहते थे। आरोप है कि उनकी पत्नी साधना शर्मा, जो खुद एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है, का पहले से ही किसी युवक के साथ प्रेम-संबंध चल रहा था। 

3. कैसे बनी हत्या की साजिश?

पुलिस की जांच में यह सामने आया कि साधना रोज अपने आंगनबाड़ी केंद्र जाते समय उसी रास्ते से गुजरती थी जहाँ उसका प्रेमी मनीष जाटव एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। लगभग डेढ़ साल पहले साधना और मनीष की पहचान हुई थी, जो धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। समय के साथ दोनों के बीच गहरी नजदीकियां बन गईं। रमाकांत को भी पत्नी के व्यवहार में बदलाव पर संदेह होने लगा था। जाँच के पूरा होने पर पता चला कि करीब डेढ़ महीने पहले दोनों ने पति की हत्या की साजिश रच ली थी। इस योजना में मनीष ने अपने दोस्त सतनाम को भी शामिल किया। उन्होंने रमाकांत को बहला-फुसला कर बाइक पर घूमने के लिए बाहर बुलाया। 

4. हत्या की रात और शव को छुपाने की प्लानिंग

घटना के दिन, तीनों — रमाकांत, मनीष और सतनाम — पहले पेट्रोल पंप गए जहाँ रमाकांत की बाइक खड़ी कर दी गयी। उसके बाद तीनों कार में बैठकर नौनपुरा घाटी की ओर गए। सुनसान जगह पर पहुँचकर दोनों आरोपियों ने रमाकांत की हत्या कर दी। हत्या के बाद उन्होंने शव और बाइक को वहीं खाई में गिरा दिया ताकि यह मामला हादसा प्रतीत हो। 

5. पुलिस ने कैसे खुलासा किया?

घटना को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गयी थी, लेकिन पुलिस को कुछ बातों पर संदेह हुआ। वे शव की स्थिति, बाइक का ढलान पर पड़ा होना और चोटों के स्वरूप को देखकर गहन जांच करने लगे। उन्होंने शव के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। इन फुटेज में पुलिस ने तीनों आरोपियों को एक साथ देखा, जिससे पूरा मामला संदिग्ध हो गया। 

6. आरोपियों की गिरफ़्तारी और कबूलनामा

सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस ने पहले मनीष और सतनाम को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पूरी वारदात स्वीकार कर ली और बताया कि साधना की मुख्य भूमिका थी। इसके बाद पुलिस ने साधना शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया, और अदालत में पेश किया गया। 

7. मामला क्यों खास है? सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण

यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं है — यह समाजिक मूल्यों, रिश्तों की विश्वासघाती पेचिदगियों और महिलाओं के अधिकारों के बीच खींचतान का प्रतीक भी बन गया है। साधना का प्रेम सम्बन्ध जिस वजह से विकसित हुआ, उसने उसे अपने पति के खिलाफ साजिश रचने तक पहुँचा दिया। यह सवाल उठता है कि रिश्तों की जटिलता और भावनात्मक जुड़ाव क्या सही दिशा में ले जाता है? क्या एक सशक्त महिला जब अपने व्यक्तिगत संबंधों में उलझती है तो सामाजिक जिम्मेदारियाँ पीछे छूट जाती हैं?



कानूनी दृष्टिकोण से यह मामला हत्या, साजिश, और सबूत मिटाने के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा है। भारतीय कानून के तहत ऐसी योजनाबद्ध हत्या की सजा बेहद कठोर होती है, और न्यायपालिका ऐसे मामलों में समय-समय पर सख्त निर्णय देती आई है। 


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