नागौर, राजस्थान।
नागौर सांसद और रालोपा मुखिया हनुमान बेनीवाल ने अब नागौर एसपी पर बड़ा आरोप लगाया हैं। हनुमान बेनीवाल का कहना हैं कि नागौर एसपी नेता7के इशारे पर काम करते हैं, जितना नेता बोलते हैं, उतनी ही कलम नागौर एसपी की चलती हैं। हनुमान बेनीवाल में कहा कि मुंडवा प्रकरण में नागौर एसपी ने अम्बुजा सीमेंट प्रबंधन को बचाने की कोशिश की, आखिर रसूखदारों की ही क्यों सुनते हैं नागौर एसपी? हनुमान बेनीवाल ने यह तक कह दिया कि ऐसे एसपी की नागौर को कोई जरूरत नहीं हैं। आखिर यह पूरा मामला क्या है? आइये जानते हैं-
दरअसल नागौर जिले के मुंडवा में एक अम्बुजा सीमेंट का बड़ा प्लांट हैं, इस प्लांट में लगभग 2500 मजदूर काम कर रहे हैं। अब इस लॉक डाउन में मजदूर यहां मुंडवा में फंस गए हैं। मजदूर गांव जाने की जिद कर रहे हैं, इसके लिए मजदूरों ने 2-3 दिन आंदोलन भी किया। इस लॉक डाउन में भी यह फेक्ट्री चलती जा रही हैं और मजदूर काम नहीं करना चाहते हैं, वे सिर्फ घर जाने की जिद कर रहे हैं। ऐसे में मजदूरों को पुलिस बुधवार को रोकने आई और समझाइस भी की, लेकिन मजदूर नहीं माने, ऐसे में पुलिस ने बल प्रयोग करना चाहा। लेकिन उल्टा मजदूरों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके कारण पुलिस को मुंडवा से भागना पड़ा।
इस घटना के बाद नागौर पुलिस ने इन मजदूरों में से 700-800 मजदूरों पर मुकदमा दर्ज किया है। अब इस मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सवाल उठाए हैं कि सीमेंट ऐसी कोई जरूरी चीज नहीं हैं, जो लॉक डाउन में भी चलती रहे, लॉक डाउन में लोग इस प्लांट में सोशियल डिस्टेंस का भी पालन नहीं कर सकते हैं और मजदूर घर जाना चाहते हैं, तो उनको घर भेजना चाहिए। इस मामले में नागौर सांसद ने नागौर जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जवाब तलब भी किया हैं।
नागौर सांसद और रालोपा मुखिया हनुमान बेनीवाल ने अब नागौर एसपी पर बड़ा आरोप लगाया हैं। हनुमान बेनीवाल का कहना हैं कि नागौर एसपी नेता7के इशारे पर काम करते हैं, जितना नेता बोलते हैं, उतनी ही कलम नागौर एसपी की चलती हैं। हनुमान बेनीवाल में कहा कि मुंडवा प्रकरण में नागौर एसपी ने अम्बुजा सीमेंट प्रबंधन को बचाने की कोशिश की, आखिर रसूखदारों की ही क्यों सुनते हैं नागौर एसपी? हनुमान बेनीवाल ने यह तक कह दिया कि ऐसे एसपी की नागौर को कोई जरूरत नहीं हैं। आखिर यह पूरा मामला क्या है? आइये जानते हैं-
दरअसल नागौर जिले के मुंडवा में एक अम्बुजा सीमेंट का बड़ा प्लांट हैं, इस प्लांट में लगभग 2500 मजदूर काम कर रहे हैं। अब इस लॉक डाउन में मजदूर यहां मुंडवा में फंस गए हैं। मजदूर गांव जाने की जिद कर रहे हैं, इसके लिए मजदूरों ने 2-3 दिन आंदोलन भी किया। इस लॉक डाउन में भी यह फेक्ट्री चलती जा रही हैं और मजदूर काम नहीं करना चाहते हैं, वे सिर्फ घर जाने की जिद कर रहे हैं। ऐसे में मजदूरों को पुलिस बुधवार को रोकने आई और समझाइस भी की, लेकिन मजदूर नहीं माने, ऐसे में पुलिस ने बल प्रयोग करना चाहा। लेकिन उल्टा मजदूरों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके कारण पुलिस को मुंडवा से भागना पड़ा।
इस घटना के बाद नागौर पुलिस ने इन मजदूरों में से 700-800 मजदूरों पर मुकदमा दर्ज किया है। अब इस मामले को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सवाल उठाए हैं कि सीमेंट ऐसी कोई जरूरी चीज नहीं हैं, जो लॉक डाउन में भी चलती रहे, लॉक डाउन में लोग इस प्लांट में सोशियल डिस्टेंस का भी पालन नहीं कर सकते हैं और मजदूर घर जाना चाहते हैं, तो उनको घर भेजना चाहिए। इस मामले में नागौर सांसद ने नागौर जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर जवाब तलब भी किया हैं।

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