शनिवार को राजस्थान प्रदेश में कोरोना के बीच एक बड़ी घटना घटित हुई, जो 2 दिनों से बड़ा मुद्दा बना हुआ हैं। दरअसल चूरू जिले के राजगढ़ थाने के थानाधिकारी SHO विष्णुदत्त विश्नोई ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, विष्णुदत्त विश्नोई तनाव में बताए जा रहे थे और विश्नोई ने 2 सुसाइड नोट भी लिखें, हालांकि विश्नोई ने किसी पर आरोप नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने अपने इस कदम का कारण तनाव को बताया। SHO विष्णुदत्त विश्नोई काफी ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अफसर थे, जिस कारण आमजन का भी उनके साथ अच्छा जुड़ाव था। इस घटना के बाद आम लोग भी इस घटना की जांच की मांग कर रहे हैं और अब राजस्थान सरकार ने भी इस घटना की जांच सीआईडी को सौंप दी हैं।
क्या विष्णुदत्त विश्नोई राजगढ़ विधायक कृष्णा पूनियां के दबाव में काम कर रहे थे?
दरअसल विष्णुदत्त विश्नोई ने यह आत्महत्या तनाव के कारण की और वो तनाव ड्यूटी पर पड़ रहे राजनीतिक दबाव के कारण था। विष्णुदत्त विश्नोई ने अपने मित्र एडवोकेट को भी राजनीतिक दबाव की बात बताई थी। इस घटना के बाद उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भी स्थानीय विधायक कृष्णा पूनियां पर बड़े आरोप लगाए हैं। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ का कहना हैं कि कृष्णा पूनियां ने SHO की शिकायत की थी और उन पर दबाव बनाया था, जिसके कारण विष्णुदत्त विश्नोई ने आत्महत्या की। यह आरोप चूरू विधायक और बीजेपी नेता राजेन्द्र राठौड़ ने लगाया हैं।
वही इस मामले पर एक और बड़ी बात सामने आई हैं। राजगढ़ थाने के सभी पुलिसकर्मियों ने अब सामुहिक ट्रांसफर की मांग की, उनका एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं, जिसमें सभी पुलिसकर्मियों ने बीकानेर आईजी को लिखा हैं कि राजगढ़ का पूरा थाना राजनीतिक दबाव में काम कर रहा हैं, इसलिए सभी का सामुहिक ट्रांसफर करना चाहिए। वही इस लेटर में भी पुलिसकर्मियों ने साफ साफ विधायक कृष्णा पूनियां का नाम भी लिखा हैं। पुलिसकर्मियों का कहना हैं कि छोटी छोटी बातों को लेकर विधायक शिकायत करती हैं, जिसके कारण वो दबाव में हैं।
इस मामले में विष्णुदत्त विश्नोई के मित्र एडवोकेट गोवर्द्धन सिंह ने भी उनसे हुई चैट का स्क्रीनशॉट वायरल किया, जिसमें भी विष्णुदत्त विश्नोई राजनीतिक दबाव की बात कर रहे थे, वही एक और दूसरा स्क्रीनशॉट वायरल जिसमें विष्णुदत्त विश्नोई विधायक को बकवास बताते नजर आ रहे थे और थाने के भवन को लेकर और उससे जुड़े हुए हिसाब के बारे में बात कर रहे थे।
हालांकि इस मामले में कृष्णा पूनियां ने दखल देते हुए उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ के आरोपों को बेबुनियाद बताया और उनके इस व्यवहार को राजनीतिक रोटी सेंकना बताया हैं। कृष्णा पूनियां का कहना हैं कि मेरे फोन कॉल की भी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सबके सामने आ जाये और इस पूरे घटनाक्रम की जांच होनी चाहिए, जिससे पूरा मामला साफ हो जाये।


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