खींवसर, नागौर।
खींवसर के नागौर में हुआ चम्पालाल गौड़ हत्याकांड मामला अब तूल पकड़ते जा रहा हैं। मृतक चम्पालाल का 5 दिन होने के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। मृतक चम्पालाल के परिजनों के साथ आर एल पी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी व ब्राह्मण समाज के लोग खींवसर थाने के सामने धरने पर बैठे हुए है। 5 दिनों से शव मोर्चरी में रखा हुआ है, अभी भी अंतिम संस्कार की कोई बात नहीं हैं। परिजन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए है। परिजनों का कहना हैं कि जब तक मांगे नहीं मानी जायेगी, तब तक शव को नहीं उठाया जाएगा।
परिजनों की मांग हैं कि मृतक चम्पालाल के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, खींवसर थानाधिकारी को जल्द हटाया जाए और उनके साथ इस मामले में लिप्त दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया जाए, चम्पालाल के परिवार को नोकरी दी जाए, वहीं परिवार को 50 लाख का मुवावजा दिया जाए। अभी तक कई बार परिजनों और प्रशासन में वार्ता हो गई हैं, लेकिन हर बार यह विफल ही रही।
चम्पालाल हत्याकांड: जाने क्या है पूरा मामला
गौरतलब हैं कि चम्पालाल गौड़ खींवसर के पांचला गांव के रहने वाले थे, उनकी जमीन पर कुछ ताकतवर लोगों ने कब्जा कर लिया था, जिसकी शिकायत चम्पालाल ने खींवसर थाने में दी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके बाद भी आरोपी चम्पालाल को परेशान करते रहे, तंग आकर चम्पालाल ने एसपी के पास गुहार लगाई, लेकिन फिर भी खींवसर थानाधिकारी ने कोई एक्शन नहीं लिया। उल्टे बीते रविवार को आरोपी चम्पालाल के खेत मे ट्रैक्टर लेकर आये और चम्पालाल के पीछे ट्रैक्टर दौड़ाया, जिसके कारण चम्पालाल की सदमे से मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस आई और शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया, लेकिन परिजनों ने शव उठाने से इंकार कर दिया। उसके बाद लगातार परिजन ब्राम्हण समाज के साथ खींवसर थाने के सामने धरने पर बैठे हैं। इस धरने में खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल, रालोपा प्रमुख नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी भाग ले रहे है। कल बुधवार को बेनीवाल और अजमेर आईजी के बीच 5 घण्टे वार्ता चली, लेकिन वो असफल रही। आज फिर खींवसर थाने का घेराव किया जा रहा हैं।

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