नागौर, राजस्थान।
पिछले तीन दिनों से नागौर जिले में बंजारा अतिक्रमण मामला काफी चर्चा में हैं, पुलिस ने गलत रवैया अपनाकर 35 बंजारा परिवारों को घरों को JCB से तोड़ दिया, साथ ही बंजारों पर लाठीचार्ज भी किया, इस घटना में एक आदमी की मौत भी हो गई। इस मामले में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल धरने पर भी बैठ गए, वहीं कलेक्टर को हजारों की तादात में इकट्ठा होकर ज्ञापन भी दिया। यह मामला नागौर जिले में काफी गर्माया हुआ है, जिसमे प्रशासन को दोषी बनाया गया हैं।
दिल्ली से नागौर आई पूर्व सांसद, लेकिन नहीं ली इस मामले में कोई सुध
वहीं नागौर से पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा सोमवार को दिल्ली से नागौर के परबतसर आई, वहा वे परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया के घर उनकी माताजी की शोक सभा मे शामिल हुई, लेकिन उन पर कई सवाल इसलिए खड़े हुए, क्योंकि नागौर में इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी मिर्धा ने इस मामले में कोई सुध नहीं ली।
मिर्धा नागौर की दिग्गज नेता होने के कारण उनको नागौर जाकर बंजारों परिवार की सुध लेनी चाहिए थी, वो इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी भी थी, लेकिन मिर्धा ने ऐसा नहीं किया। यहाँ तक तो मिर्धा ने इस मामले में कोई सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया नहीं दी। क्या एक पूर्व सांसद और दिग्गज नेता के नाते यह उनकी जिम्मेदारी नहीं हैं।

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