नागौर, राजस्थान।
जब कोई जवान सेना में रहते हुए देश के लिए शहीद होता हैं, तो कुछ दिनों तक लोग शहीदों की बातें करते हैं, लेकिन जब कुछ समय निकल जाता हैं, तो सब उन शहीदों को भूल जाते है। हर बरस लगेंगें शहीदों की चिताओं पर मेले, यह सब सिर्फ बातें है। नागौर के अलाय गांव का शहीद गोविंद राम साल 2002 में ऑपरेशन पराक्रम में शहीद हुए था। परिवार और ग्रामीणों ने गांव में शहीद की प्रतिमा लगाने की मांग की थी।
आज इतने सालों बाद भी शहीद का परिवार का परिवार सरकारी कार्यालयों में चक्कर लगा रहा हैं, न तो अब तक कोई शहीद स्मारक बना और न ही कोई वादा किया, सिर्फ शहीद परिवार को आश्वासन ही मिलता रहा हैं। शहीद का परिवार पिछले 8 साल सरपंच, प्रधान, जिला परिषद और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर ही लगा रहा हैं।

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