झुंझुनूं, राजस्थान। पुलवामा हमले के बाद आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान राजस्थान के झुंझुनूं निवासी श्योराम भी शहीद हो गए थे। कल शाम शहीद का शव उनके साथ पैतृक गांव टीबा में आया था और आज शहीद का दाह संस्कार किया गया था। ऐसे तो शहीद के दाह संस्कार के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन इस दाह संस्कार के बारे में सुनकर आप अंदर से हिल जाओंगे।
शहीद श्योराम की पत्नी सुनीता गर्भवती थी और श्योराम के शहीद होने के बाद परिवार जनों ने सुनीता को अस्पताल में भर्ती करवा दिया था, ताकि इस खबर की सूचना पत्नी को नहीं मिले, क्योंकि अगर इस हालत में पत्नी को यह खबर मिलती तो पत्नी सुनीता और होने वाले बच्चे दोनों पर इसका असर पड़ सकता था। इसलिए परिवार जनों ने ऐसा किया।
शहीद श्योराम की पत्नी सुनीता गर्भवती थी और श्योराम के शहीद होने के बाद परिवार जनों ने सुनीता को अस्पताल में भर्ती करवा दिया था, ताकि इस खबर की सूचना पत्नी को नहीं मिले, क्योंकि अगर इस हालत में पत्नी को यह खबर मिलती तो पत्नी सुनीता और होने वाले बच्चे दोनों पर इसका असर पड़ सकता था। इसलिए परिवार जनों ने ऐसा किया।
एक तरफ शहीद की चिता को मुक्ताग्नि तो दूसरी तरफ पत्नी ने दिया बेटी को जन्म
जैसे ही आज शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई और शहीद को मुक्ताग्नि दी गई, उसी समय शहीद श्योराम की पत्नी ने अस्पताल में बेटी को जन्म दिया होगा। यह सुनकर सभी लोगों की आंखों में आंसू निकल आये। लोगों का कहना हैं कि ऐसा मंजर किसी ने नहीं देखा होगा कि एक बेटी के जन्म लेने से कुछ घण्टे पहले उसके पिता मातृभूमि की रक्षा के लिए शहीद हो गए। इस खबर के बाद गांव के लोगों की आंखे और ज्यादा नम हो गयी। शहीद के पिता का साया पहले ही उठ चुका हैं। शहीद अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा है।


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