जयपुर, राजस्थान।
राजस्थान सरकार में राजस्व विभाग ने एक बड़ी राहत दी हैं, सरकार ने अब भूमि के बंटवारे के वक्त लगने वाले पंजीयन शुल्क को समाप्त कर दिया हैं। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा जनता के हित में महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया था हैं जिसमे किसान द्वारा अपनी पैतृक सम्पत्ति के बँटवारे में माता पिता द्वारा सम्पत्ति का संतान के पक्ष में सेटलमेंट करने ओर पति की ओर से पत्नी के पक्ष निष्पादित की जाने वाले दस्तावेज़ो पर स्टाम्प शुल्क को पूर्णतया माफ़ करने की घोषणा की थी अब सरकार ने पंजीयन की अनिवार्यता के कारण पंजियन शुल्क के रूप में डीएलसी का एक प्रतिशत लिया जाने वाला शुल्क समाप्त कर अब सिर्फ़ एक हज़ार रुपए टोकन राशि निर्धारित कर जनता को व्यर्थ के आर्थिक भार से मुक्ति प्रदान की है।

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